पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष: इजराइल और ईरान के बीच ताजा हमले
संघर्ष की नई लहर
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। शनिवार को, युद्ध के 29वें दिन, इजराइल ने ईरान के भीतर 50 लड़ाकू विमानों से हमला किया। इसके जवाब में, ईरान ने इजराइल के साथ-साथ पांच खाड़ी देशों पर भी हमले किए। इस बीच, हूती विद्रोही भी ईरान के समर्थन में इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं, जिससे यमन से इजराइल पर हमले का खतरा बढ़ गया है। ध्यान देने योग्य है कि इजराइल की लड़ाई ईरान के साथ-साथ लेबनान में भी चल रही है, जहां उसने लेबनान के सात गांवों को खाली करने का आदेश दिया है।
इजराइल के हमले का विवरण
इजराइली सेना ने जानकारी दी है कि उसने ईरान के तीन क्षेत्रों में हथियार निर्माण की फैक्टरियों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। ये हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए और कई घंटों तक चले। हमलों में अराक और यज्द जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें सैन्य उद्योग और बैलिस्टिक तथा एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल के पुर्जे बनाने वाली फैक्टरियां शामिल थीं।
ईरान का जवाब
इजराइल ने अराक में स्थित हेवी वॉटर प्लांट पर भी हमला किया, जिसे इजराइल ने परमाणु हथियारों के लिए प्लूटोनियम तैयार करने में महत्वपूर्ण बताया है। इसके अलावा, यज्द में उस प्लांट को भी निशाना बनाया गया, जहां यूरेनियम संवर्धन के लिए आवश्यक सामग्री तैयार की जाती है। इस हमले के जवाब में, ईरान ने सऊदी अरब सहित पांच खाड़ी देशों पर हमला किया, जिसमें सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर छह बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे गए। इस हमले में कम से कम 15 सैनिक घायल हुए हैं।
संयुक्त अरब अमीरात की स्थिति
ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने दुबई में एक ठिकाने पर हमला किया, जहां यूक्रेन का एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद था। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह ठिकाना अमेरिकी सेना की सहायता के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इस बीच, खबरें आ रही हैं कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ संघर्ष में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी शामिल हो सकता है। उल्लेखनीय है कि युद्ध की शुरुआत के बाद से यूएई पर दो हजार से अधिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं, लेकिन यूएई की मजबूत एयर डिफेंस प्रणाली ने अधिकांश हमलों को विफल कर दिया है।