पश्चिम एशिया में युद्धविराम का स्वागत, भारत ने जताई उम्मीद
भारत का सकारात्मक रुख
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संघर्ष के थमने की खबर को भारत और पूरी दुनिया ने सकारात्मक रूप से लिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 8 अप्रैल को एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र में स्थायी शांति की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा यह कहा है कि तनाव को कम करने और संवाद के माध्यम से ही इस संघर्ष का समाधान संभव है। भारत ने यह भी आशा व्यक्त की है कि होर्मुज की खाड़ी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री गतिविधियाँ बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री का दौरा
युद्धविराम के बाद, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पश्चिम एशिया के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने सीजफायर का स्वागत करते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर राहत मिलेगी। इस दौरे के दौरान, स्टार्मर खाड़ी देशों के नेताओं से मिलकर युद्धविराम को मजबूत करने और इसे लंबे समय तक बनाए रखने पर चर्चा करेंगे। कतर, जो ईरान के कई हमलों का शिकार रहा है, ने भी सीजफायर का स्वागत किया और इसे तनाव कम करने की दिशा में एक प्रारंभिक कदम बताया। कतर ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापार को जारी रखने पर जोर दिया।
यूरोपीय संघ और पाकिस्तान का रुख
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम से दुनिया एक खतरनाक स्थिति से एक कदम पीछे हट गई है। इससे थोड़ी राहत मिली है और अब मिसाइल हमले रुकने की संभावना है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर में मदद करने वाले देशों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से चीन, सऊदी अरब, कतर, तुर्की और मिस्र का नाम लिया, जिनका योगदान सीजफायर तक पहुंचने में महत्वपूर्ण रहा। शरीफ ने यह भी बताया कि ईरान का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस्लामाबाद में बातचीत के लिए आएगा।