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पश्चिम एशिया संकट: ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की स्थिति में बदलाव

पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमलों का 18वां दिन है। इस दौरान हिजबुल्ला ने इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया, जबकि बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास विस्फोट की घटनाएं हुईं। इजरायल के राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों से समर्थन की अपील की है। जानें इस संकट के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

अमेरिका और इजरायल की अपील


तेल अबीब: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों का आज 18वां दिन है। पिछले 17 दिनों में इन दोनों देशों ने ईरान पर हजारों हमले किए हैं। इन हमलों के बावजूद ईरान ने हार नहीं मानी है और उसने इन दोनों देशों पर कई गुना अधिक हमले किए हैं। यही कारण है कि यह संघर्ष अभी भी जारी है।


हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने सात देशों से सहयोग की अपील की थी, जबकि इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ कार्रवाई में यूरोपीय देशों से समर्थन मांगा है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उस प्रस्ताव का स्वागत किया, जिसमें लेबनान और इजरायल के बीच सीधी वार्ता कराने की पेशकश की गई थी। हर्जोग ने कहा कि यह बातचीत आगे बढ़ाने का सही समय है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है।


हिजबुल्ला का इजरायली सैनिकों पर हमला

लेबनान की सीमा पर हिजबुल्ला ने इजरायली सैनिकों और वाहनों को निशाना बनाया। इजरायली सेना द्वारा लेबनान में सीमित जमीनी अभियान शुरू करने की घोषणा के बाद हिजबुल्ला ने कम से कम तीन सीमा शहरों में हमले किए। समूह ने तीन अलग-अलग बयानों में कहा कि आइटारून में इजरायली ठिकाने पर रॉकेट दागे गए। ओदाइस्सेह में इजरायली सैनिकों और वाहनों के एक समूह को तोपखाने से निशाना बनाया गया। टायबेह शहर में भी इजरायली सैनिकों, वाहनों और मर्कवा टैंक को रॉकेट से नुकसान पहुंचाया गया।


बगदाद में विस्फोट की घटना

बगदाद में सुरक्षा स्थिति भी तनावपूर्ण हो गई है। एक ड्रोन घुसपैठ के बाद एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी दूतावास पर हमले की कोशिश को विफल कर दिया। इस दौरान दूतावास के आसपास जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी गई। तेहरान में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। शहर के उत्तरी हिस्से में सादाबाद पैलेस परिसर के आसपास कई तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धमाकों का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इससे पहले शहर के केंद्र में बड़े हमले की खबरें आई थीं।


पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष

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