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पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले सैफुल इस्लाम और मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों से पहले, पुलिस ने निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम और कांग्रेस के मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया है। सैफुल इस्लाम पर 2021 के चुनाव के दौरान झड़प का पुराना मामला है, जबकि मिलन प्रधान पर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के दौरान का मामला दर्ज है। इन गिरफ्तारियों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

कोलकाता में पुलिस का बड़ा कदम


कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों से पहले पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को रेजीनगर सीट से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले, नंदीग्राम के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी गिरफ्तार किया गया था। सैफुल इस्लाम आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) से जुड़े हुए हैं, जिसकी अगुवाई हुमायूं कबीर कर रहे हैं।


पुलिस ने सैफुल इस्लाम को 19 सितंबर को गिरफ्तार किया, उन पर 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प से संबंधित एक पुराना मामला दर्ज था। बेहरामपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इस पांच साल पुराने मामले में कार्रवाई की है।


नंदीग्राम में गिरफ्तारी की जानकारी

नंदीग्राम में भी गिरफ्तारी


एक दिन पहले, नंदीग्राम सीट के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया गया था। उन पर लगभग बीस साल पुराना एक मामला दर्ज था, जो इलाके में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के दौरान का है। इन दोनों गिरफ्तारियों ने उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। नंदीग्राम सीट खाली हुई है क्योंकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट जीत ली थी और नंदीग्राम छोड़ दिया। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर ने खाली की है, जिन्होंने 2026 के चुनाव में दोनों सीटें जीतने के बाद नवादा सीट अपने पास रखी।


एजेयूपी पर पुलिस की कार्रवाई

एजेयूपी पर भी कार्रवाई


पुलिस ने शनिवार को एजेयूपी के प्रमुख को नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कथित साजिश के मामले में सोमवार को पेश होने के लिए कहा गया। यह मामला 14 सितंबर को दर्ज किया गया था। पुलिस ने बेहरामपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक ऑडियो जारी किया, जिसमें तनाव बढ़ाने की साजिश का संकेत मिलने का दावा किया गया। मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस पिकेट पर वाहन जांच के दौरान एजेयूपी के राज्य सचिव आशिक इकबाल को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास भारी मात्रा में नकली नोट और अवैध हथियार मिले।


इन गिरफ्तारियों ने उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पुराने मामलों में कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है।