पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी मतदान ने बनाया नया रिकॉर्ड
मतदान का नया रिकॉर्ड
कोलकाता/चेन्नई। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में 152 सीटों पर वोटिंग ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के समय तक, मतदान का आंकड़ा 92 प्रतिशत तक पहुंच गया था, और इसमें और वृद्धि की संभावना है। इसी तरह, तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर भी रिकॉर्ड मतदान हुआ, जहां लगभग 85 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह पहली बार है जब तमिलनाडु में मतदान का आंकड़ा इतना ऊंचा पहुंचा है। दोनों राज्यों में इससे पहले कभी इतनी उच्च मतदान दर नहीं देखी गई थी। जबकि तमिलनाडु में मतदान शांतिपूर्ण रहा, पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर हिंसक झड़पें और मारपीट की घटनाएं हुईं।
चुनाव आयोग के आंकड़े
चुनाव आयोग द्वारा गुरुवार शाम आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, बंगाल की 294 सीटों में से पहले चरण में 152 सीटों पर 92.10 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर रिकॉर्ड 84.72 प्रतिशत वोटिंग हुई। इन आंकड़ों में और वृद्धि की संभावना है, क्योंकि कई क्षेत्रों में मतदान देर शाम तक जारी रहा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले असम, केरल और पुडुचेरी में नौ अप्रैल को मतदान हुआ था, जहां भी रिकॉर्ड वोटिंग देखी गई थी। असम में 85.91 प्रतिशत, पुडुचेरी में 90 प्रतिशत और केरल में 1987 के बाद सबसे अधिक 78.27 प्रतिशत मतदान हुआ।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
मतदान समाप्त होने के बाद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'बंगाल की जनता ने एसआईआर के खिलाफ बंपर वोटिंग की है।' वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, 'तृणमूल के भ्रष्टाचार और गुंडाराज का सूरज ढल चुका है।'
हिंसक घटनाएँ
हालांकि, गुरुवार को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान दक्षिण मिदनापुर में भाजपा के उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ। भीड़ ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जबकि उनके सुरक्षाकर्मी उनके साथ थे। इसी तरह, पश्चिम बर्धमान के आसनसोल दक्षिण सीट पर भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर भी हमला हुआ, जिससे गाड़ी का पीछे का शीशा टूट गया। बीरभूम के बोधपुर गांव में ईवीएम में खराबी के कारण लोगों ने पुलिस और केंद्रीय बलों पर पथराव किया, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए।