पश्चिम बंगाल की IPS अधिकारी बुशरा बानो के तबादले पर राजनीतिक विवाद
बुशरा बानो के तबादले पर उठे सवाल
डिजिटल डेस्क, समाचार। पश्चिम बंगाल की IPS अधिकारी बुशरा बानो के तबादले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तेलंगाना सरकार के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि यदि किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ धार्मिक अभिवादन का उपयोग शिकायत का कारण बनता है, तो इससे अल्पसंख्यक समुदाय में क्या संदेश जाएगा।
अजहरुद्दीन ने बुशरा से संबंधित खबर साझा करते हुए कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में है। उन्होंने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए धार्मिक पहचान के आधार पर किसी सरकारी कर्मचारी को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए।
UPSC अभ्यर्थियों के लिए वीडियो में विवादित शब्द
यह विवाद 13 सितंबर को एक वीडियो के जरिए शुरू हुआ। खड़गपुर में एडिशनल एसपी के रूप में कार्यरत बुशरा बानो ने UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों से बातचीत करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
वीडियो की शुरुआत उन्होंने ‘अस्सलामुअलैकुम’ से की और बातचीत में ‘इंशाअल्लाह’ और अंत में ‘जजाकल्लाह’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके वीडियो को लेकर बहस छिड़ गई।
शिकायत के बाद तबादला आदेश जारी
‘हिंदू लीगल फंड’ नामक संगठन ने इस वीडियो को लेकर पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। संगठन ने तर्क दिया कि सार्वजनिक पद पर कार्यरत अधिकारियों को आधिकारिक संवाद में धार्मिक रूप से तटस्थ भाषा का उपयोग करना चाहिए। शिकायत में ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम्’ जैसे अभिवादन का उपयोग करने का सुझाव दिया गया।
इसके बाद 14 सितंबर को राज्य सरकार ने पुलिस अधिकारियों के प्रशासनिक फेरबदल का आदेश जारी किया। 2021 बैच की IPS अधिकारी बुशरा बानो को खड़गपुर एडिशनल एसपी के पद से हटाकर राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट बना दिया गया। हालांकि, सरकारी आदेश में इसे जनहित में किया गया प्रशासनिक बदलाव बताया गया है और तबादले को शिकायत से सीधे जोड़ने वाली कोई आधिकारिक वजह नहीं दी गई है।