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पश्चिम बंगाल की शूटर दमयंती सेन 48 घंटे बाद घर लौटीं, लापता होने का रहस्य बरकरार

पश्चिम बंगाल की राष्ट्रीय स्तर की शूटर दमयंती सेन 48 घंटे की गुमशुदगी के बाद शनिवार सुबह अपने घर लौट आईं। उनके लापता होने का कारण अभी भी रहस्य बना हुआ है। परिवार और पुलिस ने इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। दमयंती को पहले हावड़ा रेलवे स्टेशन और फिर हुगली में महेश रथ यात्रा के दौरान देखा गया था। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए चार टीमों का गठन किया था। जानें इस रहस्यमय घटना के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।
 

दमयंती सेन की रहस्यमय गुमशुदगी

कोलकाता: पिछले 48 घंटों से लापता रहीं पश्चिम बंगाल की राष्ट्रीय स्तर की शूटर दमयंती सेन शनिवार सुबह सुरक्षित अपने घर पहुंच गईं। हालांकि, उनके लापता रहने का कारण अभी भी अनजान है। परिवार और जांच एजेंसियों ने इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।


जानकारी के अनुसार, दमयंती सेन गुरुवार दोपहर को घरेलू सामान खरीदने के लिए घर से निकली थीं। उस समय उनके पास मोबाइल फोन भी था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। जब परिवार से संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्होंने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की सूचना दी, जिसके बाद उनकी तलाश के लिए विशेष जांच शुरू की गई।


शनिवार सुबह, हावड़ा जिले के रामकृष्णपुर फेरी जेटी के पास कुछ लोगों ने दमयंती को बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य के घूमते हुए देखा। पहचानने के बाद, उन्होंने तुरंत उनके परिवार को सूचित किया। इसके बाद उनके पिता ध्रुवज्योति सेन मौके पर पहुंचे और उन्हें सुरक्षित घर ले आए।


दमयंती के लापता रहने के दौरान उन्हें दो अलग-अलग स्थानों पर देखा गया था। पहले, गुरुवार को हावड़ा रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में वह प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच के बीच घूमती हुई नजर आईं। इसके बाद, शुक्रवार को हुगली जिले में आयोजित महेश रथ यात्रा के दौरान भी उन्हें देखा गया। यह जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैली, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश के लिए चार अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया।


दमयंती हाल ही में राष्ट्रीय टीम के ट्रायल्स के लिए चयनित हुई थीं और उन्हें उभरती हुई प्रतिभाशाली निशानेबाजों में गिना जाता है। फिलहाल, पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।