पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पर आतंकी साजिश का खुलासा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर खतरा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के निशाने पर रखा गया था। यह जानकारी पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक संदिग्ध आतंकवादी की गिरफ्तारी के बाद साझा की। जांच में यह भी सामने आया कि इस आतंकवादी मॉड्यूल के लक्ष्य में अन्य नेता भी शामिल थे, जिन्हें पाकिस्तान में स्थित हैंडलरों से निर्देश मिल रहे थे.
आरोपी की साजिश का खुलासा
गिरफ्तार किए गए संदिग्ध ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी में तोड़फोड़ करने की योजना बनाई थी। बंगाल एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान हमीम मंडल के रूप में हुई है, जिसे पूर्वी बर्धमान जिले से पकड़ा गया था। कोलकाता में उससे पूछताछ की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि वह पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था.
सीएम की गतिविधियों पर नजर रखने का कार्य
आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि हमीम को सीएम की गतिविधियों पर नजर रखने का कार्य सौंपा गया था। उसे उन स्थानों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा गया था, जहां मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के उपस्थित हो सकते थे.
पाकिस्तानी आकाओं से संपर्क करने का तरीका
आईजी के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के अलावा कई अन्य नेता और पुलिस अधिकारी भी इस साजिश के निशाने पर थे। आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क स्थापित किया और फिर व्हाट्सएप तथा टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स के जरिए अपने हैंडलरों से बातचीत की। उसकी सोशल मीडिया चैट और मोबाइल फोन से चिंताजनक जानकारी प्राप्त हुई है.
छात्रों के आंदोलन को भी बनाया गया निशाना
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को भी इस साजिश में शामिल किया गया था। आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि पुलिस की वर्दी हासिल कर जंतर-मंतर पर हाल में हुए प्रदर्शन में तोड़फोड़ करने की योजना बनाई गई थी.
मॉड्यूल का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
कुछ दिन पहले हावड़ा में एक प्रमुख नेता के बेटे को हनीट्रैप में फंसाकर अपहरण करने की साजिश रची गई थी। इसके बदले में नेता से फिरौती मांगने का प्लान था। लेकिन एसटीएफ को इसकी जानकारी मिली और मामले की जांच शुरू की गई.