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पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी और भाजपा के बीच बढ़ी जुबानी जंग

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। टीएमसी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मौत की धमकी दी है। इस विवाद में भाजपा प्रवक्ता आलोक अजय की विवादास्पद टिप्पणी भी शामिल है। टीएमसी का कहना है कि भाजपा राज्य में अपनी हिंसक संस्कृति को लागू करने की कोशिश कर रही है। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की पूरी कहानी और क्या है चुनाव आयोग की भूमिका।
 

कोलकाता में चुनावी माहौल गरम

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मौत की धमकी दी है। पार्टी का कहना है कि भाजपा राज्य में अपनी हिंसक संस्कृति को लागू करने की कोशिश कर रही है। दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह दक्षिण 24 परगना में टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।


टीएमसी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि 'बलात्कार की धमकियों और अपमानजनक कार्टून प्रचार के बाद अब भाजपा ममता बनर्जी के खिलाफ खुलेआम मौत की धमकियां देने तक गिर गई है। चुनाव आयोग इस पर चुप्पी साधे बैठा है, जो मूक और मिलीभगत करने वाला दर्शक बना हुआ है। यही बदलाव भाजपा बंगाल के लिए चाहती है। वे उत्तर प्रदेश और बिहार की सड़कों पर अपनी गोली मारो और ठोक दो संस्कृति को बंगाल में थोपना चाहते हैं।'



भाजपा प्रवक्ता की विवादास्पद टिप्पणी

टीएमसी ने भाजपा प्रवक्ता आलोक अजय की उस पोस्ट का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि 'अगर तुम हमें डराने की कोशिश करोगे तो गोली मार दी जाएगी, दीदी।' पार्टी ने कहा कि यह ममता बनर्जी के प्रति भाजपा का असम्मानजनक रवैया दर्शाता है। टीएमसी ने यह भी कहा कि 'इस धमकी और दबाव की संस्कृति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शीर्ष स्तर से मंजूरी मिली है। अगर वे दीदी के बारे में इस तरह बोलते हैं तो सोचकर भी सिहरन होती है कि बंगाल की आम माताओं और बेटियों पर ये केसरिया गुंडे क्या कहर ढाएंगे? लेकिन ये शब्द याद रखिए। बंगाल भूलता नहीं है। बंगाल माफ नहीं करता। अपनी बेटी के खिलाफ यह अपमान और धमकी का जवाब शब्दों से नहीं, बल्कि वोटों से दिया जाएगा। 4 मई को बंगाल अपनी आवाज बुलंद करेगा।'


भाजपा प्रवक्ता आलोक अजय ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। उन्होंने कहा कि 'आप लोगों को हिंदी नहीं आती क्या? पीड़ित बनने का नाटक मत कीजिए। गोली मारो और भाग जाओ वाली संस्कृति आपकी है, हमारी नहीं। अपने गुंडों से लोगों को धमकाने की कोशिश मत कीजिए। पूर्व दिशा में सूरज उगता है, बंगाल और भारत के लोगों के लिए, और आप सब तबाही की राह पर हैं।'