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पश्चिम बंगाल चुनाव में दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर हमला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है और टीएमसी सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। घोष ने ममता के चुनावी मुद्दों पर भी तंज कसा और ईवीएम के मुद्दे को लेकर भी अपनी राय रखी। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी।
 

चुनावी माहौल में बढ़ती बयानबाजी

नई दिल्ली। जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक तापमान भी बढ़ता जा रहा है। विभिन्न दलों के नेताओं के बीच रोज नए बयान सामने आ रहे हैं। हाल ही में खड़गपुर सदर विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और देश विरोधी गतिविधियों में तेजी आई है। ममता सरकार इस स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही है और इसे नजरअंदाज कर रही है। घोष ने यह भी कहा कि टीएमसी सरकार की नजर में बंगाल में अपराधी बेकसूर हैं, जैसे कि राज्य में कोई अपराधी ही नहीं है।

भाजपा के दिलीप घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि असली दोषियों का निर्धारण जांच एजेंसियों और अदालतों का काम है। उन्होंने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि वह चुनावी बहस को भटकाने की कोशिश कर रही है और मछली को मुद्दा बनाकर विवाद खड़ा कर रही है। घोष ने ममता बनर्जी पर तंज करते हुए कहा कि आजकल कोई भी नेता चुनावी मुद्दे के लिए टूटे पैर की पट्टी को भी भुना सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का पैर टूट गया था और उन्होंने व्हीलचेयर पर चुनाव प्रचार किया था। इसके अलावा, ईवीएम के मुद्दे पर घोष ने कहा कि इस बार ईवीएम का बहाना नहीं चलेगा। अगर किसी को ईवीएम पर कोई शिकायत है, तो वह जांच करा सकता है। हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना गलत है।