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पश्चिम बंगाल में TMC की बगावत: 19 सांसदों ने खोला मोर्चा

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनावी हार के बाद बगावत का सामना करना पड़ रहा है। 60 से अधिक विधायकों के विद्रोह के बाद, अब 19 सांसदों ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोला है। इस विद्रोह में प्रमुख नामों में यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा शामिल हैं। सयोनी घोष का नाम भी चौंकाने वाला है, जो पार्टी की एक प्रमुख चेहरा मानी जाती थीं। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की कहानी और क्या ममता बनर्जी अपनी पार्टी को संभाल पाएंगी।
 

TMC में बगावत का नया दौर

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हाल ही में चुनावी हार का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद पार्टी में बगावत की लहर उठती नजर आ रही है। 60 से अधिक विधायकों के विद्रोह के बाद, अब सांसदों ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस विद्रोह ने बंगाल की राजनीतिक स्थिति में हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 19 बागी सांसदों की सूची सामने आई है। हालांकि, प्रारंभ में विद्रोही गुट ने 20 से अधिक सांसदों के समर्थन का दावा किया था, लेकिन अब केवल 19 नामों की आधिकारिक सूची जारी की गई है। विधायकों के विद्रोह के बाद सांसदों की इस बड़ी टूट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ममता बनर्जी अपनी पार्टी को संभाल पाएंगी।


बागी सांसदों में प्रमुख नाम

यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गजों ने भी मोड़ा मुंह

ममता बनर्जी के खिलाफ बागी सुर अपनाने वालों में बहरामपुर से सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के साथ-साथ आसनसोल से सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा का नाम प्रमुखता से उभरा है। इसके अलावा, इस विद्रोही सूची में बारासात से काकोली घोष, कूचबिहार से जगदीश चंद्र बसुनिया, जंगीपुर से खली उर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहिर खान, बैरकपुर से पार्थ भौमिक, मथुरापुर से बापी हलधर, कोलकाता दक्षिण से माला रॉय और आरामबाग से मिताली बाग जैसे प्रमुख नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इन सभी दिग्गज चेहरों की बगावत ने टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह से चौंका दिया है।


सयोनी घोष का नाम चौंकाने वाला

ममता का सबसे भरोसेमंद चेहरा सयोनी घोष का नाम हैरान करने वाला

इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम जादवपुर लोकसभा से सांसद सयोनी घोष का है। बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान, सयोनी घोष टीएमसी का सबसे आक्रामक चेहरा मानी जाती थीं और उनके प्रभावशाली भाषणों के कारण उन्हें ममता बनर्जी का संभावित विकल्प भी माना जाने लगा था। 2021 में टीएमसी से जुड़ने के बावजूद, सयोनी विधानसभा चुनाव हार गई थीं, लेकिन पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें टीएमसी यूथ विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। ऐसे में उनका विद्रोही खेमे में शामिल होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है।


अन्य बागी सांसदों की सूची

इन सांसदों ने भी थाम लिया बगावत का झंडा

बागी सांसदों की इस सूची में कई अन्य नाम भी शामिल हैं, जो कभी टीएमसी के करीबी माने जाते थे। घाटल से दीपक अधिकारी, झालग्राम से कालीपद सोरेन, मेदिनीपुर से जून मालिया और बांकुड़ा से अरूप चक्रवर्ती ने भी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी है। इसके साथ ही वर्धमान पूर्व से डॉ. शर्मिला सरकार, बोलपुर से असित कुमार मल, बीरभूम से शताब्दी रॉय और हुगली से रचना बनर्जी का नाम भी इस विद्रोही सूची में शामिल है। इन मजबूत स्तंभों के टूटने से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए और बड़े सियासी घमासान की शुरुआत हो गई है।