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पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर असंतोष: राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक का इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में असंतोष की स्थिति बढ़ती जा रही है। राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने इस्तीफा देकर पार्टी की स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इससे पहले, दो अन्य प्रमुख सांसद भी इस्तीफा दे चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि और सांसद भी इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे पार्टी की स्थिति और भी बिगड़ सकती है। जानिए इस राजनीतिक संकट के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

TMC में बढ़ता असंतोष

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में असंतोष की लहर तेज हो गई है। आज, पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।


बराइक से पहले, टीएमसी के दो अन्य प्रमुख राज्यसभा सांसद — सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव — भी उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। इन तीन इस्तीफों के कारण, राज्यसभा में टीएमसी की स्थिति काफी कमजोर हो गई है, और अब पार्टी के सांसदों की संख्या केवल 10 रह गई है।


राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि टीएमसी में असंतोष का यह सिलसिला यहीं नहीं थमने वाला। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले एक हफ्ते में पार्टी के तीन और राज्यसभा सांसद अपने पदों से इस्तीफा दे सकते हैं। यदि यह सच होता है, तो ममता बनर्जी की पार्टी की स्थिति और भी कमजोर हो जाएगी।


हालांकि, इन इस्तीफों के पीछे के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन विपक्षी दल इसे टीएमसी में बढ़ती कलह का संकेत मानते हैं।


इस सप्ताह बुधवार को, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने सांसद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दिया था। इससे पहले, वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने भी इस्तीफा दिया था। 2021 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुईं देव ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था और उन्होंने अपने भविष्य के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।


बराइक का इस्तीफा उस समय आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार और बगावत के कारण टीएमसी में अनिश्चितता बढ़ गई है। पिछले हफ्ते, पार्टी के 80 में से 65 विधायकों ने आधिकारिक TMC विधानमंडल दल से अलग होकर विधानसभा में मुख्य विपक्षी गुट के रूप में मान्यता प्राप्त की। यह गुट निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बना है।


इसके बाद यह संकट संसद तक पहुंच गया। बागी सांसदों ने, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में, 20 से अधिक लोकसभा सदस्यों का समर्थन भी हासिल करने का दावा किया। बुधवार को जादवपुर की सांसद सायनी घोष और कोलकाता दक्षिण की सांसद माला रॉय भी बागी सांसदों के साथ शामिल हो गईं।