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पश्चिम बंगाल में उपचुनाव: तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच रोचक मुकाबला

पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनाव ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट चुनावी मैदान में हैं, जबकि भाजपा ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। जानें किस प्रकार कांग्रेस और वामपंथी दल भी इस चुनाव में शामिल हो रहे हैं और किस तरह से यह चुनावी मुकाबला रोचक बन रहा है।
 

पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की तैयारी


कोलकाता में, पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव ने राजनीतिक माहौल को काफी दिलचस्प बना दिया है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट चुनावी मैदान में उतरेंगे, और उन्होंने अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने तृणमूल के साथ गठबंधन नहीं किया है और अपने उम्मीदवार को उतारने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, वामपंथी दल भी अपने उम्मीदवार के साथ मैदान में होंगे। इस प्रकार, भाजपा को मिलाकर रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर कम से कम पांच प्रमुख उम्मीदवार होंगे।


भाजपा ने नंदीग्राम और रेजीनगर के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां को टिकट दिया गया है। उल्लेखनीय है कि चंद्रनाथ रथ को छह मई की रात गोली मारी गई थी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई।


भाजपा ने नंदीग्राम से चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। उन्होंने नंदीग्राम के अलावा भबानीपुर सीट से भी चुनाव जीते थे, जहां उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था। चार मई को आए चुनाव परिणामों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर सरकार बनाई।


उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट आमने-सामने हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को मैदान में उतारा है। वहीं, ममता गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों गुट खुद को असली तृणमूल बताते हुए चुनाव चिन्ह पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने इस मामले को सुना है और गुरुवार तक इस पर निर्णय लेने की संभावना है।