पश्चिम बंगाल में कबड्डी प्रमोटर हत्या मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स की कार्रवाई
– मामले को सुलझाने के लिए अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी: डीजीपी गौरव यादव
चंडीगढ़: पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में खुफिया जानकारी के आधार पर पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा से कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की हत्या में शामिल दो शूटरों और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन पाठक उर्फ करन डिफॉल्टर (अमृतसर निवासी), तरनदीप सिंह (बड़हेवाल, लुधियाना निवासी) और आकाशदीप (उप्पल, तरनतारन निवासी) के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी में सिक्किम पुलिस, मुंबई पुलिस, पश्चिम बंगाल एसटीएफ, केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय हावड़ा पुलिस का सहयोग शामिल था।
जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को एसएएस नगर के सोहाना में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हमलावरों ने राणा बलाचौरिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दो अन्य आरोपियों की पहचान अशदीप सिंह और देविंदर के रूप में हुई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि करन पाठक और तरनदीप सिंह शूटर हैं, जबकि आकाशदीप विदेशी हैंडलर अमर खाबे राजपूता का करीबी रिश्तेदार है। आकाशदीप को शूटरों को पनाह और लॉजिस्टिक सहायता देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को आगे की जांच के लिए पंजाब लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मामले की पूरी कड़ी जोड़ने के लिए अन्य फरार साथियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।
ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए एजीटीएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि संगठित अपराध, गैंगस्टरों के आपसी टकराव और विदेश स्थित हैंडलरों की संलिप्तता के स्पष्ट संकेत मिलने के बाद एजीटीएफ ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के जरिए एजीटीएफ और एसएएस नगर पुलिस ने वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों को जोड़ते हुए इस्तेमाल किए गए वाहनों की पहचान की और पानीपत टोल प्लाजा तक आरोपियों के भागने के रास्ते का पता लगाया।
डीआईजी ने बताया कि आरोपी मुंबई, बेंगलुरु, सिलीगुड़ी, सिक्किम, गंगटोक और कोलकाता की ओर फरार हो गए थे। इन स्थानों से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कोलकाता एसटीएफ के सहयोग से डीएसपी राजन परमिंदर के नेतृत्व में एजीटीएफ टीम ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा से आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार दोनों शूटरों का आपराधिक रिकॉर्ड है और मामले की आगे जांच जारी है।
इस संबंध में थाना सोहाना, एसएएस नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 109, 3(5) और 61(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 312, दिनांक 16/12/2025 को दर्ज की गई है।