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पश्चिम बंगाल में चंद्रनाथ रथ की हत्या: तीन आरोपी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब हुई जब रथ रात के समय अपने घर लौट रहे थे। जांच में सीसीटीवी फुटेज से महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे हत्यारों की पहचान हुई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई बाइकों और कार को भी बरामद किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या है इसके पीछे की कहानी।
 

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की


पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों की सत्ता को समाप्त करते हुए बीजेपी ने अपनी सरकार का गठन किया है। इस बीच, बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन में विशाल श्रीवास्तव, मयंक मिश्रा और राज सिंह को पकड़ा है। उल्लेखनीय है कि इन आरोपियों का पता टोल बूथ पर किए गए यूपीआई भुगतान के माध्यम से लगाया गया।


चंद्रनाथ रथ की हत्या का विवरण

जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ की हत्या उस समय हुई जब वह रात के समय अपने घर लौट रहे थे। वह अपनी कार की आगे वाली सीट पर बैठे थे और उत्तरी 24 परगना के मध्यग्राम में अपने निवास से केवल 200 मीटर की दूरी पर थे। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि उनकी एसयूवी को एक निसान माइक्रा ने रोका था, जिसके बाद बाइक पर सवार हमलावरों ने उन पर गोली चलाई। हत्यारे इसके बाद माइक्रा को वहीं छोड़कर भाग गए थे, और भागने के लिए उन्होंने एक लाल कार और एक बाइक का सहारा लिया।


सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी

पुलिस ने घटना के बाद जांच शुरू की और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। इसी दौरान उस कार को ट्रैक किया गया, जिसमें हत्यारे बैठे थे। जांच के दौरान, कार में बैठे एक व्यक्ति को टोल पर यूपीआई भुगतान करते हुए देखा गया, जो पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, सभी गिरफ्तार आरोपी पेशेवर हत्यारे हैं। विशाल बिहार के बक्सर जिले का निवासी है, जबकि अन्य दो आरोपी उत्तर प्रदेश के हैं।


पुलिस ने बरामद की बाइक और कार

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई दो बाइकों को भी बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, माइक्रा कार को भी जब्त किया गया है। जांच में यह पता चला है कि ये तीनों वाहन चोरी के थे और सभी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।