पश्चिम बंगाल में जैश ए मोहम्मद के संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सुरक्षा बलों ने जैश ए मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध, हामिद मंडल, को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद, जांच एजेंसियां उसके भारत में संभावित नेटवर्क और गतिविधियों की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में प्राप्त दस्तावेजों और मोबाइल डेटा के आधार पर कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार, उसे बर्दवान के रेनेसां टाउनशिप में एक किराए के फ्लैट से पकड़ा गया, जहां वह पिछले दो से तीन महीनों से रह रहा था। एसटीएफ अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसका उद्देश्य क्या था और उसके संपर्क में कौन लोग थे।
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड से संबंध
पुलिस के सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार हामिद मंडल पुलवामा हमले के कथित मास्टरमाइंड सज्जाद भट का करीबी सहयोगी माना जा रहा है। इसी आधार पर, जांच एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों और आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं। इस मामले में जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
मोबाइल और दस्तावेजों से मिले सुराग
एसटीएफ को आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं के आधार पर कई नई जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियों का उद्देश्य क्या था।
मुख्यमंत्री पर हमले की साजिश की आशंका
पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर संभावित हमले की साजिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस पहलू की अभी जांच चल रही है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी द्वारा जुटाई गई जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
किराए के फ्लैट को बनाया ठिकाना
पुलिस के अनुसार, हामिद मंडल पिछले दो से तीन महीने से बर्दवान के रेनेसां टाउनशिप में किराए के फ्लैट में रह रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसने पहचान छिपाने और सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए इस स्थान को अपना ठिकाना बनाया था। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
कोर्ट में पेशी और नेटवर्क की जांच
गिरफ्तार आरोपी को बर्दवान की अदालत में पेश किया जाएगा। एसटीएफ अब उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और भारत में उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद सामग्री और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।