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पश्चिम बंगाल में जैश ए मोहम्मद से जुड़े हनी ट्रैप नेटवर्क का भंडाफोड़

पश्चिम बंगाल पुलिस ने जैश ए मोहम्मद से जुड़े एक हनी ट्रैप नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक महिला, अर्पिता सरकार, को गिरफ्तार किया गया है, जो पहले पकड़े गए संदिग्ध मोहम्मद हमीम मंडल की सहयोगी बताई जा रही है। जांच में व्हाट्सएप चैट से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिससे यह पता चला है कि महिला प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं की निजी जानकारी जुटाने में संलग्न थी। इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जा रहा है।
 

महिला की गिरफ्तारी से खुलासा


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष टास्क फोर्स ने आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए झारखंड के साहिबगंज से एक महिला को गिरफ्तार किया है। इस महिला पर आरोप है कि वह पहले पकड़े गए संदिग्ध मोहम्मद हमीम मंडल की करीबी सहयोगी थी और कथित हनी ट्रैप नेटवर्क के माध्यम से प्रभावशाली व्यक्तियों की निजी जानकारी इकट्ठा करने में मदद कर रही थी। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और इसके संभावित उद्देश्यों की गहराई से जांच कर रही हैं।


महिला की पहचान और गिरफ्तारी

गिरफ्तार की गई महिला की पहचान अर्पिता सरकार के रूप में हुई है, जो झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा क्षेत्र की निवासी है। अधिकारियों के अनुसार, उसे शुक्रवार को हिरासत में लिया गया और बाद में पूछताछ के लिए पूर्व बर्धमान लाया गया। शनिवार को उसे अदालत में पेश करने की योजना बनाई गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह इस नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी।


व्हाट्सएप चैट से मिली जानकारी

व्हाट्सएप चैट से मिले अहम सुराग


जांच में यह सामने आया है कि अर्पिता सरकार और मोहम्मद हमीम मंडल के बीच लगातार व्हाट्सएप पर संपर्क बना हुआ था। एसटीएफ ने दोनों के बीच हुई बातचीत का डिजिटल रिकॉर्ड प्राप्त कर लिया है। अब इन चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और संभावित संपर्कों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।


राजनीतिक हस्तियों की जानकारी जुटाने का आरोप

राजनीतिक हस्तियों की जानकारी जुटाने का आरोप


पुलिस के अनुसार, महिला का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं से संपर्क बनाने और उनकी निजी जानकारी हासिल करने के लिए किया गया। जांच में यह भी दावा किया गया है कि उसने एक मंत्री के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाया था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि उसके माध्यम से कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां जुटाई गईं और उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था।


पहले गिरफ्तार हुआ था मोहम्मद हमीम मंडल

पहले गिरफ्तार हुआ था मोहम्मद हमीम मंडल


इस मामले में एसटीएफ ने गुरुवार को पूर्व बर्धमान से मोहम्मद हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था। पुलिस का आरोप है कि वह जैश ए मोहम्मद के लिए पूर्वी भारत में नेटवर्क मजबूत करने में जुटा था। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि वह साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड सज्जाद भट का करीबी सहयोगी रहा है। उसके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच जारी है।


राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिये से संवेदनशील मामला

राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिये से संवेदनशील मामला


जांच एजेंसियों का कहना है कि मंडल पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं से जुड़ी जानकारियां जुटा रहा था। सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि एसटीएफ सभी डिजिटल साक्ष्यों और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे षड्यंत्र की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।