पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता देबोलिना बिस्वास ने दिया इस्तीफा
राजनीतिक उथल-पुथल का सामना
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक स्थिति में बदलाव आ रहा है। कोलकाता नगर निगम के 9वें बरो की अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता देबोलिना बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम उन्होंने तब उठाया जब एक दिन पहले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की कंपनी लिप्स एंड बाउंड्स और उनकी निजी संपत्तियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए थे।
इस्तीफे का कारण
देबोलिना बिस्वास ने इस्तीफे के दौरान कहा कि उन पर अभिषेक बनर्जी को बचाने का भारी दबाव डाला जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि किसी के सामने झुकने के बजाय उन्होंने गरिमा के साथ अपने पद को छोड़ना उचित समझा।
देबोलिना बिस्वास का परिचय
देबोलिना टीएमसी की एक प्रमुख नेता हैं और वार्ड संख्या 74 से पार्षद भी हैं। उन्हें पार्टी में एक बेबाक नेता के रूप में जाना जाता है। पार्टी ने उनकी क्षमताओं को देखते हुए उन्हें कोलकाता नगर निगम के 9वें बरो का अध्यक्ष बनाया था, लेकिन अब उनकी निष्ठा उनके लिए समस्या बन गई है। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि उन पर कानून को नजरअंदाज करने का दबाव डाला जा रहा था, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि सच को लंबे समय तक छुपाया नहीं जा सकता।
पद छोड़ने के बावजूद पार्टी में बनी रहेंगी
हालांकि देबोलिना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह पार्टी में बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि वह पार्षद के रूप में जनता की सेवा करती रहेंगी। इस मामले को सुवेंदु अधिकारी से भी जोड़ा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पुराने मामलों का खुलासा हो रहा है, जिससे राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को अवैध निर्माण के चलते 17 संपत्तियों के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा गया है, लेकिन उन्होंने कहा है कि वह किसी भी स्थिति में झुकने के लिए तैयार नहीं हैं।