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पश्चिम बंगाल में पहली पूरक मतदाता सूची का ऐलान: सुरक्षा इंतजाम और महत्वपूर्ण जानकारी

पश्चिम बंगाल में 23 मार्च 2026 को पहली पूरक मतदाता सूची जारी होने वाली है। इस सूची के प्रकाशन के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लगभग 10 लाख नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, और जिनके नाम कटे हैं, वे अपील कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने राज्य में स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं।
 

मतदाता सूची का प्रकाशन


पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत पहली पूरक मतदाता सूची आज, 23 मार्च 2026 को शाम को जारी की जाएगी। इस सूची के प्रकाशन के लिए राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी को बढ़ा दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।


मतदाता मामलों का निपटारा

बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, कुल 60 लाख विचाराधीन मामलों में से पिछले शुक्रवार तक लगभग 27 लाख 30 हजार मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसी आधार पर पहली पूरक सूची का प्रकाशन किया जा रहा है, जो आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है।


मतदाता सूची में कटे नाम

सूत्रों के अनुसार, निपटारे वाले मामलों में से लगभग 10 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इन नामों की हार्ड कॉपी जिला निर्वाचन अधिकारियों के माध्यम से संबंधित बूथों पर भेजी जाएगी। इसके अलावा, यह सूची चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और बंगाल सीईओ कार्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी।


सूची की श्रेणियां

पूरक सूची में दो मुख्य श्रेणियां शामिल होंगी। पहली श्रेणी में वे नाम होंगे जिन्हें अंतिम मतदाता सूची में जोड़ा गया है, जबकि दूसरी श्रेणी में वे नाम होंगे जिन्हें काटा गया है। जिन मतदाताओं के नाम कटे हैं, वे ऑनलाइन या ऑफलाइन अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर कर सकते हैं।


चुनाव आयोग की निगरानी

चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल पर कड़ी नजर रख रहा है। आयोग के निर्देश पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रविवार से राज्य के थानों का दौरा कर रहे हैं और थाना प्रभारियों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। इस बीच, सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि 31 मार्च तक केंद्रीय बलों की अतिरिक्त 300 कंपनियां बंगाल पहुंच जाएंगी।