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पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड संख्या में भागीदारी

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी-अपनी चुनावी गतिविधियों के दौरान महत्वपूर्ण बयान दिए। मोदी ने परिवर्तन की लहर का दावा किया, जबकि ममता ने बंपर वोटिंग का जिक्र किया। जानें इस चुनावी माहौल में क्या हो रहा है और आगामी मतदान की तैयारियाँ।
 

मतदान का उत्साह और राजनीतिक गतिविधियाँ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान में अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। जब मतदान चल रहा था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे चरण की सीटों पर चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भबानीपुर में पदयात्रा कर रही थीं। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगा। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री मोदी ने कृष्णानगर और मथुरापुर में जनसभाएँ कीं और हावड़ा में रोड शो किया।


प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जनसभा में चुनावी जीत का विश्वास जताते हुए कहा कि जनता ने यह तय कर लिया है कि चार मई को परिणाम नहीं, बल्कि परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा, 'टीएमसी हारने वाली है और भाजपा का विश्वास जीतने वाला है। वर्तमान मतदान सभी पूर्व रिकॉर्डों को तोड़ रहा है। मैं यहां परिवर्तन की लहर देख रहा हूँ।' महिला आरक्षण के लिए संसद में लाए गए संशोधन बिल के विफल होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती मां दुर्गा की पूजा करती है, लेकिन टीएमसी ने महिला आरक्षण के खिलाफ वोट दिया। कानून व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा, 'टीएमसी की सरकार में गुंडों और बलात्कारियों को खुला संरक्षण मिला हुआ है। बंगाल की बेटियाँ ये अत्याचार कभी नहीं भूल सकतीं।'


वहीं, ममता बनर्जी ने भबानीपुर में अपनी पदयात्रा के दौरान कहा कि वहां 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव में बंपर वोटिंग एसआईआर के विरोध में हुई है। उनकी पार्टी तृणमूल ने प्रधानमंत्री की रैली के बाद उन पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'न आए हो, न आओगे।' बहरहाल, पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण के 142 सीटों पर मतदान होगा। 2021 के विधानसभा चुनावों में इन 142 सीटों में से 114 पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी को 27 सीटें मिली थीं।