×

पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और सुवेंदु अधिकारी का उदय

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालिया घटनाक्रम ने एक नया मोड़ लिया है, जब भाजपा ने 207 सीटों पर जीत हासिल की। सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है। इस बीच, उनके निजी सहायक की हत्या और ममता का इस्तीफे से इनकार जैसे घटनाएं भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। जानें इस राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे की पूरी कहानी।
 

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़


पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। भाजपा ने दशकों पुराने राजनीतिक समीकरणों को तोड़ते हुए 207 सीटों पर जीत हासिल की है। इस जीत के पीछे सुवेंदु अधिकारी का हाथ है, जिन्होंने ममता बनर्जी को दो बार हराया है। पहले नंदीग्राम और फिर भवानीपुर से उन्हें पराजित किया। इस बीच, उनके निजी सहायक की हत्या की घटना भी हुई है, जो चुनाव परिणामों के बाद की स्थिति को और भी जटिल बनाती है।


4 मई: भाजपा की ऐतिहासिक जीत

बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित हुए, जिसमें भाजपा ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) केवल 80 सीटों पर सिमट गई। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, और फाल्टा में 21 मई को पुनः चुनाव होंगे, जिसका परिणाम 24 मई को आएगा।


5 मई: ममता का इस्तीफे से इनकार

इसके बाद, ममता बनर्जी ने 5 मई को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं हार नहीं मानूंगी, हम जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश से हारे हैं।" उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें छीन लीं।


6 मई: सुवेंदु के PA की हत्या

राजनीतिक तनाव के बीच, 6 मई को एक गंभीर घटना घटी। सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ को कोलकाता के पास मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के समय, चंद्रनाथ अपनी स्कॉर्पियो में यात्रा कर रहे थे, तभी एक कार ने उनका रास्ता रोका और मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया।


7 मई: विधानसभा का भंग होना

7 मई को, बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने ममता के सीएम पद से इनकार करने के बाद विधानसभा को भंग कर दिया। लोकभवन से इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसका अर्थ था कि ममता कैबिनेट के किसी भी मंत्री के पास अब कोई अधिकार नहीं रहेगा।


8 मई: नए मुख्यमंत्री का चयन

8 मई को यह तय हुआ कि राज्य के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी होंगे। नई सरकार में दो उप-मुख्यमंत्री भी होंगे। पहले उप-मुख्यमंत्री के रूप में रूपा गांगुली का नाम सामने आया है, जबकि दूसरे पद पर दार्जिलिंग से एक पुरुष विधायक बैठेंगे। इसके अलावा, सुवेंदु गृह मंत्रालय का भी प्रभार संभालेंगे।


9 मई: भव्य शपथ ग्रहण समारोह

सुवेंदु अधिकारी नवनिर्वाचित विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक के लिए कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। अमित शाह की अध्यक्षता में इस बैठक में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की गई। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेता शामिल होंगे।