पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मामलों में टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी
राजनीतिक हलचल के बीच गिरफ्तारी
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों ने हाल ही में कार्रवाई को तेज कर दिया है। इस क्रम में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया है, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति में हलचल मच गई है।
महेश कुमार शर्मा की गिरफ्तारी
कोलकाता पुलिस ने महेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है, जो कोलकाता नगर निगम के पार्षद हैं। उन पर वसूली, धमकी, आपराधिक साजिश और सरकारी कार्य में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।
तृणमूल नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती की गिरफ्तारी
पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में एक नौकरी घोटाले के मामले में तृणमूल नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर अनियमितताएं की हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
परितोष दत्ता की गिरफ्तारी
कोलकाता के सुरेन्द्रनाथ कॉलेज से हथियार बरामदगी के मामले में तृणमूल नेता परितोष दत्ता को बर्धमान से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस मामले में हथियारों के स्रोत और अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।
राजीव बनर्जी की गिरफ्तारी
बीरभूम जिले से पंचायत अधिकारी और तृणमूल नेता राजीव बनर्जी को सरकारी राशन के चावल की कथित अवैध बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े अनाज की बिक्री में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं।
राजनीतिक इस्तीफे और पूछताछ
इस बीच, कृष्ण चक्रवर्ती ने बिधाननगर के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उनके इस्तीफे के कारणों पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। वहीं, अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनेल मेसी के भारत दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था के मामले में पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने पूछताछ के लिए थाने में उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने पुलिस से 14 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।
जाली हस्ताक्षर विवाद की जांच
बंगाल विधानसभा में कथित जाली हस्ताक्षर विवाद की जांच भी तेज हो गई है। इस सिलसिले में सीआईडी की टीम फिरहाद हकीम के आवास पर पहुंची और उनसे पूछताछ की। अदालत के आदेश पर तीन तृणमूल विधायकों के हस्तलेखन के नमूने भी एकत्र किए गए हैं, जिनका मिलान विवादित हस्ताक्षरों से किया जाएगा।