पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल: जहांगीर खान की गिरफ्तारी ने बढ़ाई हलचल
कोलकाता में राजनीतिक गतिविधियों का उभार
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियाँ एक बार फिर से तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेता जनता के गुस्से और पुलिस की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। इस बीच, दक्षिण 24 परगना के फालता क्षेत्र के नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी चर्चा का विषय बनी हुई है।
चुनाव में विवाद और जहांगीर खान का किरदार
जहांगीर खान ने 2026 के विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान खुद को फिल्म 'पुष्पा' के पात्र के रूप में प्रस्तुत किया था। उन्होंने कई सभाओं में "पुष्पा झुकेगा नहीं साला" जैसे संवाद बोलकर सुर्खियाँ बटोरी थीं। उनका दावा था कि वह किसी दबाव में नहीं झुकेंगे, लेकिन चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, हार के बाद जहांगीर खान काफी समय तक गायब रहे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट का सहारा लिया, लेकिन बाद में पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष टीम ने उन्हें उस समय पकड़ा जब वह नेपाल भागने का प्रयास कर रहे थे। उनके खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है और उन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता लाया गया है।
Third parade of Jahangir Khan urf Pushpa in his own area.Seems the police have turned him into the locality’s most frequent roadshow attraction. pic.twitter.com/xJHQ10SS0v
— Tajinder Bagga (@TajinderBagga) June 14, 2026
जनता का आक्रोश और विरोध
राज्य के विभिन्न हिस्सों में अन्य टीएमसी नेताओं को भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों ने नेताओं के खिलाफ गुस्सा व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किए हैं। 'कट मनी' के मुद्दे पर लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया है।
कट मनी विवाद और राजनीतिक परिदृश्य
कट मनी का मुद्दा लंबे समय से बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से ली गई रकम लौटाने की सलाह दी थी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को चुनावी मंचों पर लगातार उठाती रही है।
इस समय राज्य में राजनीतिक तनाव बना हुआ है और पुलिस की जांच जारी है। जहांगीर खान की गिरफ्तारी और अन्य मामलों ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है।