×

पश्चिम बंगाल में रामनवमी जुलूस पर सियासी तनाव बढ़ा

पश्चिम बंगाल में रामनवमी जुलूस को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी तनाव बढ़ गया है। भाजपा ने 5 दिनों तक जुलूस निकालने की योजना बनाई है, जबकि TMC ने कानून-व्यवस्था को बनाए रखने का आश्वासन दिया है। जानें इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के तर्क और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति।
 

रामनवमी जुलूस पर सियासत का ताजा मोड़

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जुलूस को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विभिन्न हिंदू संगठनों ने 5 दिनों तक जुलूस निकालने की योजना बनाई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने स्पष्ट किया है कि राम सबके हैं और कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। राज्य में रामनवमी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाजी दोनों ही चरम पर हैं।

भाजपा और अन्य हिंदू संगठनों का कहना है कि यह उनका धार्मिक अधिकार है और वे इसे मनाने के लिए जुलूस निकालेंगे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने कहा है कि त्योहार मनाने की स्वतंत्रता है, लेकिन कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। TMC ने यह भी कहा कि “भगवान राम सबके हैं” और किसी भी राजनीतिक दल को धार्मिक आयोजनों के माध्यम से साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से उपद्रवियों पर नजर रख रही है। भाजपा ने सरकार पर हिंदू त्योहारों में बाधा डालने का आरोप लगाया है, जबकि TMC ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा धर्म का राजनीतिकरण कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि बिना अनुमति के हथियारों का प्रदर्शन करने या विवादित मार्गों पर जुलूस निकालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।