पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा पर बड़ा फैसला: बांग्लादेश की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का ऐतिहासिक निर्णय
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के कार्य को तेज करने के लिए BSF को आवश्यक भूमि सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस निर्णय के बाद बांग्लादेश की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है, जिसमें कहा गया है कि वे कंटीले तारों से डरने वाले नहीं हैं और यदि सीमा पर हिंसा जारी रही, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया निर्णय
पश्चिम बंगाल की नई कैबिनेट की पहली बैठक में सीमा सुरक्षा से संबंधित यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने BSF को बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को मंजूरी दी है। राज्य में सीमा फेंसिंग का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय रहा है।
फेंसिंग का महत्व
भारत और बांग्लादेश के बीच पश्चिम बंगाल में एक विस्तृत सीमा है, लेकिन कई क्षेत्रों में फेंसिंग का कार्य अभी भी अधूरा है। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के दौरान इसे एक प्रमुख मुद्दा बनाया था, यह कहते हुए कि बिना बाड़ वाले क्षेत्रों में घुसपैठ और तस्करी की समस्याएं बढ़ती हैं। हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सीमा से लगे जिलों में भूमि उपलब्ध कराकर फेंसिंग का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। इसी के चलते नई सरकार ने इस दिशा में तेजी दिखाई है।
बांग्लादेश की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल सरकार के निर्णय के बाद बांग्लादेश के नेताओं और अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बांग्लादेश संघवाद संस्था के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि उनका देश किसी भी प्रकार की बाड़बंदी से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी आवश्यकता होगी, बांग्लादेश अपनी बात मजबूती से रखेगा। कबीर ने भारत सरकार से सीमा पर सुरक्षा मामलों में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
सीमा पर स्थिति में बदलाव
हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि चुनावी बयानों और सरकारी नीतियों में अंतर होता है। बांग्लादेश अब देखेगा कि पश्चिम बंगाल सरकार अपने चुनावी वादों को कैसे लागू करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीमा पर हत्याएं जारी रहीं, तो बांग्लादेश केवल देखता नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति पहले जैसी नहीं रहने वाली है, लेकिन बांग्लादेश अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।
बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
हाल ही में बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाउद्दीन अहमद ने कहा कि चुनाव के बाद सीमा सुरक्षा को देखते हुए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित घुसपैठ या तनाव से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार की योजना
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि सीमा फेंसिंग के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव और भूमि विभाग के अधिकारियों को अगले 45 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार, सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक लगभग 90 प्रतिशत भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति को समझने और दस्तावेज देखने के लिए उन्हें थोड़ा समय चाहिए। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें से लगभग 569 किलोमीटर हिस्से में अभी भी फेंसिंग का कार्य बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर और अधिक चर्चा में रह सकता है।