पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता दिवस से पहले विस्फोटक सामग्री की बरामदगी
सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी में विस्फोटक सामग्री मिली
कोलकाता: स्वतंत्रता दिवस के आगमन से पहले, पश्चिम बंगाल में सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। बीरभूम जिले में पुलिस की विभिन्न कार्रवाइयों में जिलेटिन की छड़ें, देसी बम और विस्फोटक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री शामिल है। इसके अलावा, भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट विशेष कार्य बल (STF) ने एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
304 जिलेटिन की छड़ें बरामद
पुलिस के अनुसार, रामपुरहाट थाना क्षेत्र के पठानपाड़ा में एक व्यक्ति के घर पर छापेमारी के दौरान 304 जिलेटिन की छड़ें मिलीं। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा, बीरभूम जिले के विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में लगभग 38 किलोग्राम जिलेटिन भी बरामद किया गया है। पुलिस इन विस्फोटकों के स्रोत और उनके संभावित उपयोग की जांच कर रही है।
देसी बमों की बरामदगी
मल्लारपुर क्षेत्र के कोट गांव में रात के समय पुलिस ने छापेमारी की, जिसमें एक मिट्टी के मकान से देसी बमों से भरी चार बोरियां बरामद की गईं।
नलहाटी थाना क्षेत्र के लोकनमारा गांव में एक सुनसान मकान से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर शामिल हैं।
संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक की गिरफ्तारी
पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल ने भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम है, जो पाकिस्तान के फैसलाबाद का निवासी है।
एसटीएफ ने खुफिया जानकारी के आधार पर उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा क्षेत्र में अभियान चलाया, जहां रऊफ को जेसोर रोड के पास पकड़ा गया।
भारतीय पहचान पत्र हासिल करने में मदद का आरोप
एसटीएफ के अनुसार, कोलकाता के टॉपसिया क्षेत्र से गिरफ्तार दूसरे व्यक्ति मोहम्मद एजाज के रऊफ से सीधे संपर्क थे। एजाज पर आरोप है कि उसने रऊफ को भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने में सहायता की थी।
अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि रऊफ ने भारतीय दस्तावेजों का उपयोग किस उद्देश्य से किया और क्या वह बांग्लादेश के रास्ते किसी अन्य देश में जाने का प्रयास कर रहा था।
2012 में नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश का दावा
जांच अधिकारियों के अनुसार, रऊफ ने कथित तौर पर वर्ष 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। अब सुरक्षा एजेंसियां उसके भारत में रहने के दौरान संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले विस्फोटक सामग्री की बरामदगी और संदिग्ध विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद, पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां दोनों मामलों के संभावित कनेक्शन और उनके पीछे के मकसद की जांच कर रही हैं।