पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई
सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी
महराजगंज ब्यूरो: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर, भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। महराजगंज जिले के साथ सटी लगभग 84 किलोमीटर लंबी सीमा पर निगरानी को और तेज किया गया है। अवैध घुसपैठ, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी, तथा नकदी के अवैध आवागमन को रोकने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों की गहन जांच की जा रही है, जिसमें उनके सामान की भी बारीकी से जांच की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और नाइट विजन उपकरणों का उपयोग कर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
सीमा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग को और मजबूत किया गया है। गोरखपुर के डीआईजी एस. चनप्पा, महराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी, और जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोनौली बॉर्डर पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान नेपाल के सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे और दोनों देशों के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा की गई।
उच्चस्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनावी अवधि में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमा पर तैनात सभी एजेंसियों को सूचना साझा करने, संयुक्त कार्रवाई, और रूट मार्च को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर तैनात टीमें हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही हैं, ताकि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान माहौल शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निष्पक्ष बना रहे।
महराजगंज ब्यूरो प्रभारी विजय चौरसिया की रिपोर्ट