पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, टीएमसी और भाजपा के बीच होगा मुकाबला
कोलकाता में चुनावी तैयारियों का आगाज़
कोलकाता: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार, इस बार मतदान दो चरणों में होगा, जिसमें 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
टीएमसी ने उम्मीदवारों की सूची जारी की
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी, जहां से उन्होंने 2021 में उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी।
सुवेंदु और ममता के बीच सीधी टक्कर
भारतीय जनता पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से उम्मीदवार बनाया है, जिससे दोनों नेताओं के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। 2021 के चुनाव में नंदीग्राम में अधिकारी ने ममता बनर्जी को 1,956 वोटों से हराया था।
हालांकि, नंदीग्राम में हार के बावजूद, तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी को सर्वसम्मति से नेता चुना और वह मुख्यमंत्री बनी रहीं। संविधान के अनुसार, उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा सदस्य बनना था, जिसके बाद उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव में भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को बड़े अंतर से हराया।
मुख्य दलों के बीच कड़ा मुकाबला
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के बीच होगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में लौटने के लिए क्षेत्रीय पहचान और अपनी योजनाओं पर जोर दे रही हैं। वहीं, भाजपा ने ममता सरकार को चुनौती देने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। वामपंथी-कांग्रेस और आईएसएफ गठबंधन भी तीसरे मोर्चे के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है। इसके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। लगभग 500 कंपनियां पहले ही राज्य में पहुंच चुकी हैं। इस बार सुरक्षा बलों की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ सकती है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और किसी भी गड़बड़ी को सख्ती से रोका जाएगा।
नामांकन और चुनावी कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण के लिए 30 मार्च को अधिसूचना जारी होगी और 6 अप्रैल तक नामांकन किए जा सकेंगे। दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को आएगी और 9 अप्रैल तक पर्चे भरे जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक पूरी कर ली जाएगी। आयोग ने लक्ष्य रखा है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया 6 मई तक संपन्न हो जाए।
मतगणना और परिणाम की तारीख
सभी की नजरें 4 मई पर हैं, जब मतगणना होगी और बंगाल की नई सरकार का फैसला होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है। अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब जनता तय करेगी कि वह विकास और पुरानी योजनाओं के आधार पर किसे अपना समर्थन देती है।