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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण का मतदान कल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बुधवार को होने जा रहा है, जिसमें 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की किस्मत दांव पर है। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जबकि फालटा क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। जानें इस चुनावी प्रक्रिया के बारे में और क्या हैं प्रमुख मुद्दे।
 

मतदान की तैयारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बुधवार को आयोजित किया जाएगा। इस चरण में शेष 142 सीटों पर सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू होगी। दक्षिण बंगाल और प्रेसिडेंसी क्षेत्र में नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हुगली, हावड़ा, और पूर्वी वर्धमान की 142 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस ने पिछले चुनाव में 123 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को केवल 14 सीटें मिली थीं। इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कई प्रमुख मंत्रियों की किस्मत दांव पर है।


उम्मीदवारों की संख्या

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला लगभग तीन करोड़ 22 लाख मतदाता करेंगे। वोटों की गिनती चार मई को होगी। चुनाव आयोग ने इस चरण में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर मंगलवार को सीआरपीएफ ने फ्लैग मार्च किया। उनके खिलाफ भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्होंने पिछली बार ममता को नंदीग्राम सीट पर हराया था।


सुरक्षा व्यवस्था

पहले चरण में 23 अप्रैल को लगभग 93 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव आयोग ने इस बार पश्चिम बंगाल में किसी भी प्रकार के बमों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को तैनात किया है। दूसरे चरण के मतदान से पहले दक्षिण 24 परगना के फालटा क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।


तनाव और विवाद

उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा को वहां का ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे फालटा के तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस बीच, फालटा में रात के समय घरों में जबरन घुसने और महिलाओं के साथ मारपीट करने के आरोप में अजयपाल शर्मा और केंद्रीय बलों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है।


न्यायाधिकरण का आदेश

चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अजयपाल शर्मा ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर 'रूट मार्च' निकाला। इस दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ियों को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। मतदान से एक दिन पहले यह भी खबर आई है कि न्यायाधिकरण ने कुल 1,468 लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि न्यायाधिकरण के सामने 34 लाख नाम लंबित हैं, लेकिन उसने पहले चरण में 139 और दूसरे चरण में 1,468 नामों को मंजूरी दी।