पाकिस्तान और तुर्की का सऊदी अरब के लिए सुरक्षा सहयोग, हूती हमलों के बीच सेना तैनाती पर सहमति
सऊदी अरब में सुरक्षा कदम
रियाद: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कदम उठाया है। इन तीनों देशों ने सऊदी अरब में सैन्य बलों और आवश्यक सैन्य क्षमताओं की त्वरित तैनाती के लिए सहमति व्यक्त की है। यह निर्णय सोमवार को रियाद में मक्का डिफेंस अलायंस के तहत आयोजित आपात बैठक में लिया गया।
बैठक के दौरान, सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिकों और आर्थिक स्थलों को लगातार निशाना बनाने की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों के अलावा रियाद, अबहा, खमिस मुशैत, जाजान, नजरान, ताइफ और यानबू में हुए हमलों पर भी कड़ा विरोध जताया।
The Ministry of Foreign Affairs expresses the Kingdom of Saudi Arabia’s strongest condemnation and denunciation of the terrorist Houthi militia’s continued targeting of civilians and civilian and economic facilities in the Kingdom; its blatant and repeated attacks against the holiest sites on earth-Makkah and Madinah the capital Riyadh, and the cities of Abha, Khamis Mushait, Jazan, Najran, Taif, and Yanbu; and its targeting of Saudi vessels in the southern Red Sea and the Bab al-Mandab Strait… The Kingdom reaffirms its inherent right to defend its territory, resources, sovereignty, and the safety of its citizens and residents, and to take all necessary measures to protect its security in accordance with international law: Ministry of Foreign Affairs of the Kingdom of Saudi Arabia
— News Media (@NewsMedia) October 5, 2026
सऊदी अरब ने यह भी आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों को निशाना बनाया है। सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया कि उसे अपनी भूमि, संसाधनों, संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा का पूरा अधिकार है। इसके लिए वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन देती है।
सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, तीनों देशों की रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति (SPDC) की बैठक सऊदी अरब के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।
बैठक में पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर शामिल हुए। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि तीनों देशों ने सामूहिक रूप से तत्काल रक्षा संबंधी कदम उठाने का निर्णय लिया है।
इसके तहत सऊदी अरब में सैन्य बलों की उपलब्धता और उनकी त्वरित तैनाती सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हूती हमलों के बीच पाकिस्तान और तुर्की का सऊदी अरब के साथ यह सुरक्षा सहयोग क्षेत्र में बदलते सैन्य समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।