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पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों पर अमेरिकी रिपोर्ट ने फिर से उठाया सवाल

एक नई अमेरिकी रिपोर्ट ने पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को फिर से उजागर किया है, जिसमें कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि पाकिस्तान की भूमि पर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में पाकिस्तान के सैन्य अभियानों की असफलता और आतंकवाद के बढ़ते मामलों का भी उल्लेख किया गया है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या कहा गया है।
 

पाकिस्तान की नापाक हरकतें फिर से उजागर

नई दिल्ली: पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों और नापाक हरकतों का पर्दाफाश एक बार फिर हुआ है। अमेरिका की संसद की रिसर्च यूनिट द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट ने भारत के उन आरोपों को सही ठहराया है, जिनमें पाकिस्तान की भूमि से संचालित आतंकी नेटवर्कों की चिंता जताई गई थी। इस रिपोर्ट में विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर से जुड़े आतंकवादी संगठनों के बारे में गंभीर टिप्पणियां की गई हैं, जिससे पाकिस्तान का दोहरा चेहरा एक बार फिर सामने आया है।


कश्मीर में आतंकवाद की साजिशें जारी

रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पाकिस्तान में कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जिनका मुख्य लक्ष्य भारत, विशेषकर कश्मीर घाटी है। इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हरकत-उल जिहाद इस्लामी, हरकत उल-मुजाहिदीन और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों का नाम शामिल है। ये सभी संगठन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बने हुए हैं। हालांकि पाकिस्तान इन पर नियंत्रण पाने का दिखावा करता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इन्हें समाप्त नहीं किया जा सका है।


आतंकियों की श्रेणियाँ और अमेरिकी सांसदों के लिए रिपोर्ट

दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ के. एलन क्रोनस्टाड्ट द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट का उद्देश्य अमेरिकी सांसदों को क्षेत्रीय सुरक्षा की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना है। रिपोर्ट में पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों को पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: वैश्विक, अफगानिस्तान केंद्रित, भारत (कश्मीर) केंद्रित, घरेलू और शिया विरोधी सांप्रदायिक संगठन। यह दर्शाता है कि 1980 के दशक से पाकिस्तान इन संगठनों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।


अल कायदा से तालिबान तक का आतंकवाद

रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर सक्रिय आतंकी संगठनों का उल्लेख किया गया है, जिसमें अल कायदा, भारतीय उपमहाद्वीप में अल कायदा और इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISKP) शामिल हैं। अफगानिस्तान से जुड़ी गतिविधियों के लिए तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसके अलावा, पाकिस्तान में घरेलू स्तर पर आतंक फैलाने वाले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और जैश अल-अदल जैसे संगठनों का भी जिक्र किया गया है।


पाकिस्तान के सैन्य ऑपरेशनों की असफलता

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकियों पर कार्रवाई के पाकिस्तान के दावों को इस रिपोर्ट ने खोखला साबित कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 में पाकिस्तान ने 'राष्ट्रीय कार्ययोजना' लागू की थी, जिसका उद्देश्य सभी सशस्त्र गुटों का सफाया करना था। लेकिन बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों और खुफिया ऑपरेशनों के बावजूद, पाकिस्तान इन संगठनों को समाप्त करने में असफल रहा है। इसके परिणामस्वरूप, पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार बन गया है, और 2003 के बाद से देश में आतंकी हमलों की बाढ़ आ गई है।