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पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश: अमेरिका-ईरान संघर्ष में नई पहल

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में मध्यस्थता की भूमिका निभाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस संबंध में एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया। इस पहल के तहत, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक वार्ता को सुगम बनाने के लिए तैयार है। जानें इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास के बारे में और इसके संभावित परिणामों पर।
 

पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका


नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, पाकिस्तान ने खुद को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से इस बात का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत करता है और उन्हें पूरा समर्थन देता है।'



उन्होंने आगे कहा कि 'क्षेत्रीय और वैश्विक शांति तथा स्थिरता के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। अमेरिका और ईरान की सहमति से, पाकिस्तान सार्थक और निर्णायक वार्ता को सुगम बनाने के लिए मेज़बानी करने के लिए तैयार है।' शहबाज शरीफ का यह पोस्ट पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भी साझा किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता संभव है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने 22 मार्च को ट्रंप से बातचीत की, जबकि शहबाज शरीफ ने अगले दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से चर्चा की। यह बातचीत उस समय हुई जब ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले को पांच दिन के लिए टालने की घोषणा की थी।


ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि कुछ मित्र देशों के माध्यम से अमेरिका की बातचीत की इच्छा का संदेश मिला है, जिसका जवाब दिया गया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का स्टैंड अपरिवर्तित है। पाकिस्तान एक ओर अमेरिका का सहयोगी है, वहीं दूसरी ओर ईरान और खाड़ी देशों के साथ भी उसके अच्छे संबंध हैं। पाकिस्तान में ईरान के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिया आबादी निवास करती है और उसने पिछले वर्ष सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता भी किया था। इसी संतुलन के कारण पाकिस्तान खुद को एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के अधिकारी अमेरिकी प्रतिनिधियों और ईरान के बीच बैक-चैनल बातचीत भी करवा रहे हैं।


अन्य देशों की भूमिका


यूरोपीय अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच सीधे वार्ता नहीं हुई है, लेकिन मिस्र, पाकिस्तान और खाड़ी देश उनके बीच संदेशों का आदान-प्रदान करवा रहे हैं। तुर्की भी इस प्रक्रिया में शामिल है और संघर्ष विराम की कोशिश कर रहा है। व्हाइट हाउस ने इन कूटनीतिक प्रयासों पर अधिक जानकारी देने से इनकार किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत है और अमेरिका मीडिया के माध्यम से वार्ता नहीं करेगा।