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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चुनावी विरोध प्रदर्शन में हिंसा, 7 की मौत

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में चुनावी व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में हालात गंभीर हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 7 लोगों की मौत हो गई है और 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। जॉइंट आर्मी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है, जबकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया है। इस विवाद का केंद्र 12 आरक्षित विधानसभा सीटें हैं, जो क्षेत्रीय राजनीतिक असंतोष को उजागर करती हैं।
 

विरोध प्रदर्शन में हिंसक झड़पें

नई दिल्ली - पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में चुनावी प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन अब हिंसक झड़पों में तब्दील हो गए हैं। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें 7 लोगों की जान गई है और कई अन्य घायल हुए हैं।


संघर्ष की स्थिति

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जॉइंट आर्मी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर टकराव हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में नागरिक और पुलिसकर्मी दोनों शामिल हैं, जबकि घायलों की संख्या 60 से अधिक है।


संगठन पर प्रतिबंध और आंदोलन की निरंतरता

संगठन पर प्रतिबंध, आंदोलन जारी
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, क्षेत्रीय सरकार ने JAAC को आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया है। इसके बावजूद, संगठन ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है और 9 जून को क्षेत्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।


पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
रावलकोट के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि झड़पों में नागरिकों और पुलिसकर्मियों दोनों की जान गई है। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। एक पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों पर आग्नेयास्त्रों से हमला किया गया। प्रशासन ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चुनौती मानते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया है।


गिरफ्तारियां और राजनीतिक असंतोष

गिरफ्तारियां और पुराना तनाव
अधिकारियों के अनुसार, सप्ताहांत में JAAC से जुड़े 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह विवाद क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक और प्रशासनिक असंतोष की पृष्ठभूमि में उभरा है। JAAC और अन्य समूह क्षेत्रीय शासन व्यवस्था में बदलाव और अधिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं।


आरक्षित सीटों का विवाद

12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद
ताजा विरोध का केंद्र क्षेत्रीय विधानसभा की उन 12 सीटों को बताया जा रहा है जो 1947 के बाद पाकिस्तान के मुख्य हिस्सों में बसने वाले जम्मू-कश्मीर मूल के शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इन सीटों का उपयोग मुख्यधारा की पाकिस्तानी पार्टियां क्षेत्रीय सत्ता संतुलन को प्रभावित करने के लिए करती हैं। वहीं, सरकार और समर्थक पक्ष इस व्यवस्था को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का माध्यम बताते हैं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।