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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और भारत से मदद की गुहार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां स्थानीय संगठनों ने सरकार की कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। आंदोलनकारी नेताओं ने भारत से मदद की गुहार लगाई है, यह कहते हुए कि उनके नेता कैद में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आवश्यक वस्तुओं की कमी का भी आरोप लगाया गया है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
 

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। स्थानीय संगठनों का कहना है कि सरकार की कार्रवाई और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के चलते विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। आंदोलनकारी नेताओं ने भारत से मदद की अपील करते हुए कहा है, "गुलाम हमारे नियंत्रण में हैं और हमारे नेता कैद में हैं।"


सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और प्रदर्शन

आंदोलन से जुड़े नेताओं का दावा है कि प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर को नजरबंद किया गया है, जबकि कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इन घटनाओं के बाद विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन जारी हैं।


आवश्यक वस्तुओं की कमी का आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में जेएएसी के सदस्य सरदार अमन खान लोगों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में राशन और दवाइयों की कमी हो रही है और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों के लोगों से मानवीय सहायता की अपील की है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


एलओसी पर आंदोलन की संभावना

एक अन्य वीडियो में अमन खान ने नियंत्रण रेखा (LoC) के बारे में बात की और समर्थकों से पूछा कि क्या उन्हें आंदोलन को सीमावर्ती क्षेत्रों तक ले जाना चाहिए। वीडियो में मौजूद भीड़ इसके समर्थन में नारे लगाती दिखाई देती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दमन जारी रहा, तो आंदोलन और तेज हो सकता है।


पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप

जेएएसी नेताओं ने पाकिस्तान सरकार पर स्थानीय लोगों की आवाज दबाने और आंदोलन को बलपूर्वक कुचलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और लोगों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।


आंदोलन से जुड़े नेताओं ने श्रीनगर, पुंछ, राजौरी, जम्मू, लद्दाख, करगिल, गिलगित-बाल्टिस्तान और अन्य क्षेत्रों के लोगों से एकजुट रहने की अपील की है। पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।