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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना की बर्बरता, 6 नागरिकों की हत्या

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मंगलवार को पाकिस्तानी सेना ने निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे 6 बेगुनाह लोगों की जान चली गई। इस बर्बरता के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोग अब पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।
 

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना का क्रूर चेहरा

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सेना की क्रूरता एक बार फिर उजागर हुई है। मंगलवार की सुबह, सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के स्थानीय निहत्थे नागरिकों पर अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक कार्रवाई में कम से कम 6 बेगुनाह नागरिकों की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है।


सुरक्षा बलों का अचानक हमला

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जब लोग अपने दैनिक कार्यों की शुरुआत कर रहे थे, तभी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने एक सुनियोजित तरीके से बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू की। फौजियों ने निहत्थे और शांतिपूर्ण नागरिकों पर अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले से पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे, लेकिन कई निर्दोष लोग गोलियों का शिकार हो गए।


मृतकों की पहचान और स्थिति

इस हिंसक कार्रवाई में अब तक 6 नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मटियाल मीरा बस टर्मिनल (रावलकोट) के पास हुई हिंसा में वाजिद हयात की जान गई। बलोच (सुधनोती) क्षेत्र में फौज की गोलीबारी में जाहिद मुगल, जफर मुगल और अर्सलान अकबर सहित कई अन्य निर्दोष नागरिकों की भी हत्या की गई।


स्थानीय लोगों का गुस्सा

इस नरसंहार की खबर फैलते ही पीओजेके (पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर) में तनाव और मातम का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का सब्र टूट चुका है और वे पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। चश्मदीदों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी चेतावनी के नागरिकों को निशाना बनाया, जो पाकिस्तान के तानाशाही रवैये का एक और उदाहरण है।