पाकिस्तान के जेएफ-17 फाइटर जेट्स की मांग में वृद्धि, शहबाज शरीफ का बयान
पाक पीएम का दावा: 6 मुस्लिम देशों को जेएफ-17 बेचने की बातचीत
इस्लामाबाद: भारत के साथ संघर्ष के बाद पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों की मांग में वृद्धि हुई है, ऐसा दावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि कई देशों ने पाकिस्तानी फाइटर जेट्स खरीदने के लिए बातचीत की है।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस प्रकार के फाइटर जेट्स की मांग बढ़ी है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट्स के लिए कई देशों की रुचि है, जिनमें बांग्लादेश, सूडान, लीबिया, सऊदी अरब, इराक और इंडोनेशिया शामिल हैं।
इंडोनेशिया, बांग्लादेश और सऊदी अरब से डील की संभावना
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री ने 12 जनवरी को पाकिस्तान के वायु सेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की और लगभग 40 जेएफ-17 खरीदने पर चर्चा की। वहीं, बांग्लादेश के एक समाचार पत्र ने बताया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश को भी जेएफ-17 फाइटर जेट बेचने की योजना बना रहा है।
इस संबंध में दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों के बीच बातचीत हो चुकी है।
सऊदी अरब से लोन के बदले जेएफ-17 का सौदा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान ने 7 जनवरी को सऊदी अरब को जेएफ-17 बेचने के लिए बातचीत की है। यह सौदा सऊदी अरब से प्राप्त 2 अरब डॉलर के लोन के बदले किया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने अभी तक इस समझौते पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
जेएफ-17 का निर्माण और तकनीकी जानकारी
पाकिस्तान सरकार के अनुसार, जेएफ-17 थंडर एक मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे पाकिस्तान ने चीन के सहयोग से 2007 में विकसित किया था। इसका डिज़ाइन और तकनीक चीन की चेंगड़ू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा तैयार की गई है, जबकि पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स ने इसकी अंतिम असेंबली की है।
इसका इंजन रूस में निर्मित है।
मेंटेनेंस के लिए चीन पर निर्भरता
ग्लोबल डिफेंस कॉर्प की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का जेएफ-17 मेंटेनेंस और स्पेयर पार्ट्स के लिए चीन पर निर्भर है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इसमें उपयोग होने वाले रूसी इंजन की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। यह ध्यान देने योग्य है कि जेएफ-17 एक स्टेल्थ फाइटर नहीं है, जिससे यह दुश्मन के रडार सिस्टम को चकमा नहीं दे पाता।