पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की भारत को धमकी: स्वतंत्रता दिवस से पहले की बौखलाहट
पाकिस्तान की पुरानी आदतें जारी
नई दिल्ली: अपनी नकारात्मक गतिविधियों और आर्थिक संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी झेलने वाला पाकिस्तान अपनी पुरानी आदतों से नहीं सीख रहा है। स्वतंत्रता दिवस से पहले, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चिंता और बौखलाहट स्पष्ट रूप से सामने आई है। घरेलू मोर्चे पर विफलता से ध्यान भटकाने के लिए, शरीफ ने भारत को एक बार फिर से धमकी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें चुनौती दी गई, तो इस बार मई 2025 से भी अधिक गंभीर प्रतिक्रिया दी जाएगी। यह वही समय था जब भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया था।
शांति को कमजोरी न समझें
शांति का संदेश
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री शरीफ ने भारत पर इशारों में निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं, बल्कि शांति का पक्षधर है, लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान की संप्रभुता को खतरा हुआ, तो दुश्मन को कड़ा जवाब दिया जाएगा। पानी के मुद्दे पर भी उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद उनकी 'लक्ष्मण रेखा' है, और यदि भारत ने सही रास्ता नहीं अपनाया, तो पाकिस्तान पलटवार करेगा।
सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान के दावे
खोखले दावे
पाकिस्तान 'ऑपरेशन सिंदूर' में मिली हार को छिपाने की कोशिश कर रहा है, जबकि शरीफ यह दावा कर रहे हैं कि भारत ने सिंधु जल समझौते को रोक दिया था। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद संघर्ष को रोकने के लिए पाकिस्तान ने खुद मिन्नतें की थीं। कई पाकिस्तानी नेता भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि भारत की कार्रवाई से उन्हें भारी नुकसान हुआ था।
भारत का स्पष्ट रुख
आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति
पाकिस्तान की धमकियों के बीच, भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में संसद में कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और हिंसा की गतिविधियों को समाप्त नहीं करता, तब तक उसके साथ रिश्ते सुधारने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने पुलवामा हमले और अन्य आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने और कई कूटनीतिक पाबंदियां लगाने जैसे कदम उठाए हैं। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सीमा पार से आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।