पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए
पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई
नई दिल्ली: पाकिस्तान ने रविवार की सुबह अफगानिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों में आतंकवादी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और दाएश खोरासान प्रांत (डीकेपी) के सात शिविरों को मुख्य लक्ष्य बनाया गया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक गुट के ठिकानों पर भी हमला किया गया है।
अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान का पलटवार और नागरिकों की मौत का दावा
पाकिस्तानी सेना की इस कार्रवाई पर अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों पर बमबारी की है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष लोग मारे गए। मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी जनरल अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के अपराधों का सहारा ले रहे हैं।
आत्मघाती हमलों का प्रतिशोध
आत्मघाती हमलों का प्रतिशोध
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई फितना अल ख्वारिज (एफएके) और उसके सहयोगियों के खिलाफ की गई है। मंत्रालय ने दावा किया कि रमजान के दौरान इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों का यह प्रतिशोध है। पाकिस्तान का आरोप है कि ये हमले अफगानिस्तान में बैठे आतंकियों के निर्देश पर किए गए थे, जिनकी जिम्मेदारी टीटीपी और दाएश से जुड़े गुटों ने ली थी।
पाकिस्तान का कड़ा संदेश
अंतरराष्ट्रीय चेतावनी और कड़ा संदेश
इस सीमा पार कार्रवाई के बीच पाकिस्तान का विदेश कार्यालय भी सख्त रुख अपनाए हुए है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान से अपील की है कि वे अपनी धरती का उपयोग पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी गतिविधियों के लिए न करें। हालांकि, पाकिस्तान पर लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को पनाह देने के आरोप लगते रहे हैं। बाजौर हमले के बाद, प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने का अधिकार रखता है।