×

पाकिस्तान में PoK आंदोलन का विस्तार, JAAC ने किया बड़ा ऐलान

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने अपने आंदोलन को पूरे पाकिस्तान में फैलाने का आह्वान किया है। संगठन के सदस्य सरदार अरमान कश्मीरी ने लोगों से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए है। हाल के दिनों में हुई मौतों और घायलों की संख्या चिंताजनक है। जानें इस आंदोलन के पीछे की वजहें और ताजा हालात।
 

पाकिस्तान में PoK आंदोलन का विस्तार

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बढ़ती हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने अपने आंदोलन को पूरे पाकिस्तान में फैलाने का आह्वान किया है। संगठन के कोर कमेटी के सदस्य सरदार अरमान कश्मीरी ने पाकिस्तान, कश्मीर घाटी, जम्मू, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और पुंछ के निवासियों से इस आंदोलन का समर्थन करने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है।


सरदार अरमान कश्मीरी ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, न्याय और बुनियादी ढांचा हर नागरिक का अधिकार है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है।


इस बीच, JAAC के एक अन्य सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले 52-53 दिनों में मृतकों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जिससे सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।


JAAC ने यह भी आरोप लगाया है कि पूरे क्षेत्र में संचार सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गई हैं। इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं में बाधा आने के कारण हालात की स्वतंत्र पुष्टि करना कठिन हो गया है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और कई क्षेत्रों में लोगों को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है।


सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने बताया कि इस्लामाबाद के डी-चौक पर चल रहा धरना अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार, लॉन्ग मार्च को केवल अस्थायी रूप से रोका गया है ताकि मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा सके और घायलों का उपचार कराया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके बाद आंदोलन पहले से अधिक व्यापक स्तर पर फिर से शुरू किया जाएगा।


हालांकि, JAAC द्वारा प्रस्तुत मृतकों और घायलों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान सरकार की ओर से भी इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।