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पाकिस्तान में आतंकवाद की नई पीढ़ी का उदय

पाकिस्तान में आतंकवाद की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है, जहां ISI और पाक सेना पुराने आतंकियों की जगह उनके उत्तराधिकारियों को आगे बढ़ा रही हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, नई पीढ़ी के आतंकियों को तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बहावलपुर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नए कमांडरों ने भाग लिया, जिसमें जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और हमलों की योजना बनाई गई। जानें इस नई रणनीति के पीछे की साजिशें और भारत की सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया।
 

पाकिस्तान में आतंकवाद की गंभीर स्थिति


पाकिस्तान में आतंकवाद के संकेत एक बार फिर से गंभीर हो गए हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ISI और पाकिस्तानी सेना अब पुराने आतंकियों की जगह उनके बेटों और करीबी रिश्तेदारों को आगे बढ़ा रही हैं। इसका उद्देश्य आतंकवादी नेटवर्क को लंबे समय तक बनाए रखना और जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ तथा हमलों को नया रूप देना है।


आतंकवाद की नई पीढ़ी की तैयारी

खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों की अगली पीढ़ी को व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जा रहा है। इसमें पुराने कमांडरों के बेटों और रिश्तेदारों को नेतृत्व की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह रणनीति स्पष्ट है - नेतृत्व में बदलाव के साथ आतंकवाद की निरंतरता बनाए रखना और नए चेहरों के माध्यम से नेटवर्क को मजबूत करना।


बहावलपुर में महत्वपूर्ण बैठक

हाल ही में बहावलपुर में ISI और पाकिस्तानी सेना की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नए कमांडरों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर घुसपैठ और भविष्य के आतंकवादी हमलों की योजना बनाना था।


लश्कर और जैश की बढ़ती सांठगांठ

खुफिया जानकारी के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बहावलपुर में लश्कर के तल्हा सईद, सैफुल्लाह कसूरी और जैश के अब्दुर रऊफ की उपस्थिति दर्ज की गई। एजेंसियों का कहना है कि पहलगाम हमले से पहले भी इसी तरह की बैठकों के संकेत मिले थे।


आतंकी सरगनाओं के उत्तराधिकारी

ISI अब हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे पुराने चेहरों से ध्यान हटाकर उनके उत्तराधिकारियों को आगे ला रही है। हाफिज सईद का बेटा तल्हा सईद विचारधारा के प्रशिक्षण के साथ-साथ फंडिंग और संगठन प्रबंधन की शिक्षा ले रहा है। वहीं, मसूद अजहर का भाई रऊफ असगर बड़े ऑपरेशनल रोल के लिए तैयार किया जा रहा है।


मुरीदके में आतंकवादी गतिविधियों का पुनरुत्थान

लश्कर का मुख्यालय मरकज-ए-तैयबा, मुरीदके एक बार फिर सक्रिय हो गया है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यहां सेना और ISI की मदद से ढांचे पर दोबारा निवेश किया गया है। जल्द ही 2026 बैच के आतंकियों का दीक्षांत समारोह प्रस्तावित है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां सीमा और इन ठिकानों पर कड़ी नजर रख रही हैं।