पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी के मंत्री का अपहरण, स्थिति तनावपूर्ण
पेशावर में मंत्री का अपहरण
पेशावर: पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और शाहबाज सरकार के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई अब हिंसक मोड़ पर पहुंच गई है। खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत की राजधानी पेशावर में नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने दिन के समय प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान का अपहरण कर लिया। अज्ञात हमलावरों ने पेशावर मोटरवे टोल प्लाजा के पास मंत्री के काफिले को रोकने के लिए बैरियर लगाए और उनकी गाड़ी के टायरों पर गोलियां चलाईं, जिससे उन्हें बंधक बना लिया गया। इस घटना के बाद पूरे प्रांत में स्थिति बेकाबू हो गई है और सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
गोलियों की बौछार और अगवा करने की घटना
टायरों पर गोलियां, हाईकोर्ट के सामने अगवा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए सीसीटीवी और मोबाइल फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि नकाबपोशों ने मुख्य हाईवे को अवरुद्ध करने के लिए भारी बैरियर लगाए थे। खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा और पेशावर हाईकोर्ट के सामने मंत्री फजल शकूर की गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी को रोकने के लिए सीधे टायरों पर गोलियां चलाई गईं और मंत्री को जबरन खींचकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। कुछ सूत्रों का कहना है कि पुलिस चेकिंग के दौरान मंत्री के सुरक्षा गार्डों द्वारा विरोध जताने और गोलीबारी के बाद यह हिंसक टकराव हुआ। इसके अलावा, मलाकंद में भी पीटीआई विधायक शकील अहमद के अपहरण की कोशिश की खबर से हड़कंप मच गया।
सरकार की बौखलाहट और सड़क पर आगजनी
27 सितंबर के लॉन्ग मार्च से पहले की घटनाएं
यह घटना पीटीआई द्वारा 27 सितंबर को इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले विशाल 'लॉन्ग मार्च' से ठीक पहले हुई है। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि शहबाज सरकार इस आंदोलन से भयभीत है, जिसके कारण चुने हुए जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में इमरान खान की तीन बहनों को 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया था। मंत्री के अपहरण की खबर फैलते ही गुस्साए पीटीआई कार्यकर्ताओं ने मलाकंद के बुट खैला बाईपास समेत कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर टायर जलाकर चक्का जाम कर दिया, जिससे प्रांत का संपर्क पूरी तरह कट गया है। KP के सूचना मंत्री शफी जान ने इसे संविधान और जनमत पर सीधा हमला बताया है।
अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित
इस्लामाबाद में संभावित गृहयुद्ध की स्थिति
राजधानी इस्लामाबाद में संभावित गृहयुद्ध जैसे हालात को देखते हुए सरकार ने सभी प्रमुख अस्पतालों को 'मास कैजुअल्टी' के लिए हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। अस्पतालों में गैर-जरूरी सर्जरी को टाल दिया गया है, मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और बिस्तरों को खाली रखने के लिए ठीक हो चुके मरीजों को डिस्चार्ज किया जा रहा है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने स्पष्ट किया है कि इस्लामाबाद मार्च को किसी भी कीमत पर शहर में घुसने नहीं दिया जाएगा, जिसके चलते पूरे शहर को कंटेनर लगाकर सील किया जा रहा है।