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पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप पर भड़की हिंसा, 35 से अधिक ईसाई परिवारों ने छोड़ा गांव

पाकिस्तान के शेखूपुरा जिले में ईशनिंदा के आरोप के चलते एक ईसाई व्यक्ति के घर और दुकान को आग लगा दी गई। इस घटना के बाद 35 से अधिक ईसाई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने एक व्हाट्सएप वीडियो को लेकर कामरान मसीह पर आरोप लगाया था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान के सख्त ईशनिंदा कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता जताई है।
 

पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का नया मामला

लाहौर: पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का एक और गंभीर मामला सामने आया है। पंजाब प्रांत के शेखूपुरा जिले में ईशनिंदा के आरोप के चलते एक ईसाई व्यक्ति के घर और दुकान को आग लगा दी गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई है, जिससे 35 से अधिक ईसाई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए हैं।


व्हाट्सएप वीडियो के विवाद में गिरफ्तारी के बाद भीड़ का हमला

व्हाट्सएप वीडियो को लेकर विवाद, गिरफ्तारी के अगले दिन भीड़ ने किया हमला
‘क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल-मॉर्निंग स्टार न्यूज’ के अनुसार, यह घटना शेखूपुरा जिले के घरियाल कलां गांव की है। 40 वर्षीय कामरान मसीह, जो एक छोटी फार्मेसी चलाते हैं और तीन बच्चों के पिता हैं, पर स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप में ईशनिंदा से संबंधित वीडियो साझा किया। इस आरोप के बाद पुलिस ने उन्हें 8 अक्टूबर 2026 की रात को हिरासत में लिया।


गांव में पुलिस बल तैनात, ईशनिंदा कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता

कामरान मसीह की गिरफ्तारी के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ। 9 अक्टूबर 2026 को, बड़ी संख्या में लोग उनकी दुकान और घर के बाहर इकट्ठा हो गए। इस दौरान भीड़ ने दोनों इमारतों में आग लगा दी। आगजनी की आशंका के चलते अन्य अल्पसंख्यक परिवारों में भय फैल गया, और कई परिवार अपने घरों को छोड़कर भाग गए।


गांव में भारी पुलिस बल तैनात, ईशनिंदा कानूनों के दुरुपयोग पर फिर उठे सवाल
शेखूपुरा जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने और ईसाई परिवारों की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मसीह के खिलाफ ईशनिंदा कानून की किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं।


मानवाधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद पाकिस्तान के सख्त ईशनिंदा कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कानूनों का अक्सर निजी रंजिश, संपत्ति विवाद और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। हाल ही में एक संसदीय समिति के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि पिछले 5 वर्षों में पाकिस्तान के चार प्रांतों में दर्ज 333 ईशनिंदा मामलों में से अधिकांश फर्जी पाए गए थे। आंकड़ों के अनुसार, अकेले पंजाब प्रांत में ईशनिंदा की धारा 295C के तहत सबसे अधिक 116 मामले दर्ज किए गए हैं।