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पाकिस्तान में छात्र आंदोलन पर चर्चा, भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन ने पाकिस्तान में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कुछ पाकिस्तानी युवा और सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को आतंकवाद की नीति समाप्त करने की सलाह दी है। इस पर पाकिस्तान सरकार ने टिप्पणी करने से इनकार किया, जबकि सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

पाकिस्तान में छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया


दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन ने पाकिस्तान में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कुछ युवा और सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद की नीति को समाप्त करने की आवश्यकता है।


भारत का स्पष्ट संदेश

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को पाकिस्तान में छात्र आंदोलन पर आई प्रतिक्रियाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि पाकिस्तान अपनी सीमा पार आतंकवाद की नीति को समाप्त करे। जायसवाल ने बताया कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे आतंकवाद का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक, विशेषकर युवा, लगातार पाकिस्तान से इस नीति को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।


पाकिस्तानी युवाओं का समर्थन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह छात्र आंदोलन नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ शुरू हुआ था, जिसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बाद यह आंदोलन और चर्चा में आया। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस पर पाकिस्तान के कुछ सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों ने छात्रों के समर्थन में पोस्ट कीं। बिलाल हसन ने छात्रों को बहादुर बताते हुए कहा कि वे अपने भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

पाकिस्तान सरकार ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि इस मामले पर इस्लामाबाद कोई बयान नहीं देगा। हालांकि, सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी उपयोगकर्ताओं ने अपनी राय व्यक्त की। इन्फ्लुएंसर महवाश एजाज ने कमजोर आर्थिक स्थिति से आने वाले छात्रों के संघर्ष की सराहना की। वहीं, अहसान मिर्जा ने लोगों से छात्रों का समर्थन करने और तनावपूर्ण हालात में सावधानी बरतने की अपील की। कुछ कंटेंट क्रिएटर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर सीमा नहीं होती तो वे भी जंतर-मंतर पहुंच जाते। एक पाकिस्तानी उपयोगकर्ता ने कहा कि भारत की जेन-जी पीढ़ी ने उनके नजरिए को बदलने का काम किया है।