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पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें बढ़ने का खतरा, मंत्री ने दी चेतावनी

पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में संभावित वृद्धि को लेकर सरकार ने गंभीर चेतावनी दी है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि यदि ईंधन की कमी होती है, तो कीमतें 1000 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव और वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता के कारण यह संकट गहरा सकता है। सरकार ने राहत योजनाओं की घोषणा की है, लेकिन कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं।
 

पेट्रोल की कीमतों में संभावित वृद्धि

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरकार ने पेट्रोल की कीमतों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि यदि देश में ईंधन की कमी होती है, तो पेट्रोल की कीमत 1,000 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता के कारण पाकिस्तान में ईंधन संकट की संभावना बढ़ गई है।


लाहौर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मलिक ने बताया कि पाकिस्तान में पहले ही पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। यूरोप और अमेरिका में भी ईंधन की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए समाज के कमजोर वर्गों को राहत देने के उपाय कर रही है।


मंत्री ने यह भी बताया कि देश में तेल के कुओं पर काम शुरू कर दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि अक्टूबर तक घरेलू स्तर पर कच्चे तेल की उपलब्धता में वृद्धि होगी, जिससे महंगे आयात पर निर्भरता कम हो सकेगी।


पाकिस्तान में 19 सितंबर से पेट्रोल की कीमत 389.14 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 424.04 रुपये प्रति लीटर है। हाल ही में सरकार ने पेट्रोल के दाम में 1.65 रुपये और डीजल के दाम में 0.88 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी, लेकिन दोनों की कीमतें अब भी बहुत ऊंची हैं।


बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने छोटे वाहन मालिकों के लिए एक राहत योजना शुरू की है। इस योजना के तहत मोटरसाइकिल, रिक्शा, चिंगची और 800 सीसी तक की गाड़ियों के योग्य उपयोगकर्ताओं को पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर तक की सब्सिडी दी जाएगी।


मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और तेल की आपूर्ति पर प्रभाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। होर्मुज जलडमरूमध्य और अन्य प्रमुख समुद्री मार्गों से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने पाकिस्तान जैसे आयात पर निर्भर देशों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, पाकिस्तान सरकार ने सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में कटौती समेत कई मितव्ययिता उपाय भी लागू किए हैं।