पाकिस्तान में सिंधु जल समझौते के स्थगन पर विरोध प्रदर्शन तेज
सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान में बढ़ता विरोध
इस्लामाबाद: भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के निर्णय के खिलाफ पाकिस्तान में विरोध की लहर उठ गई है। विशेष रूप से सिंध प्रांत में इस मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने रैलियों का आयोजन किया और 'सिंधु नहीं छोड़ेंगे' जैसे नारे लगाए, साथ ही भारत के निर्णय का विरोध किया। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को प्रभावी और स्थायी रूप से समाप्त नहीं करता, तब तक यह समझौता स्थगित रहेगा।
पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के अनुसार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में सिंध के विभिन्न शहरों में विरोध रैलियों का आयोजन किया। कराची, हैदराबाद, थार, मीरपुरखास, लरकाना, शिकारपुर, नौशहरों फिरोज और दाडू जैसे स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। इस दौरान उन्होंने नारे लगाए कि, 'मर जाएंगे, लेकिन सिंधु पर अपना दावा नहीं छोड़ेंगे।'
पीपीपी के सिंध चैप्टर के अध्यक्ष निसार अहमद खुहरो ने कहा कि पार्टी ने इस मुद्दे को जनता के बीच लाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि गांव-गांव जाकर लोगों को इस विषय पर जागरूक किया जाएगा। उनके अनुसार, बिलावल भुट्टो ने सिंधु जल समझौते के मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया है।
खुहरो ने कहा कि पीपीपी कार्यकर्ता बिलावल भुट्टो को प्रधानमंत्री बनाने के लिए प्रयास करेंगे, ताकि वह देश के हितों की रक्षा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपने अधिकारों से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा और बिलावल इस मुद्दे का समाधान निकालने की क्षमता रखते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सिंध सरकार के मंत्री सईद घनी ने कहा कि सिंधु नदी केवल सिंध या कराची का नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान का जीवनाधार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सिंधु नदी में पानी रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन यदि लोगों को पानी और भोजन नहीं मिला तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
इस बीच, भारत ने एक बार फिर अपने रुख को स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 3 जुलाई को आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट और अडिग है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को लगातार समर्थन दिए जाने के कारण ही भारत ने इस संधि को फिलहाल स्थगित किया है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय, ठोस और अपरिवर्तनीय तरीके से समाप्त करना होगा। इसके बिना सिंधु जल समझौते को लेकर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं होगा।