पाकिस्तान में हर वीकेंड पर स्मार्ट लॉकडाउन, एयरलाइंस पर संकट
पाकिस्तान में तेल संकट और लॉकडाउन का निर्णय
नई दिल्ली: पाकिस्तान में आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के बीच एक गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। देश में तेल की भारी कमी के कारण हाहाकार मचा हुआ है, जिसके चलते सरकार ने एक कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर, पाकिस्तान में हर शनिवार और रविवार को 'स्मार्ट लॉकडाउन' लागू किया जाएगा। यह नियम 4 और 5 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, जिसके बाद वीकेंड पर पूरे देश की गतिविधियाँ ठप हो जाएंगी। इस स्थिति में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के बंद होने का खतरा भी बढ़ गया है।
लोगों को वीकेंड पर घर में रहना होगा
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, यह लॉकडाउन हर शनिवार रात 12:01 बजे से शुरू होकर रविवार रात 11:59 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान सभी दुकानें, बाजार, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ पूरी तरह से बंद रहेंगी। सर्विस सेक्टर भी इस लॉकडाउन से प्रभावित होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले सभी मार्ग, हाईवे और मोटरवे आम जनता के लिए बंद रहेंगे, जबकि केवल आवश्यक सार्वजनिक परिवहन को अनुमति दी जाएगी।
आपात सेवाएँ खुली रहेंगी
इस सख्त लॉकडाउन के बीच, सरकार ने कुछ आवश्यक सेवाओं को छूट दी है ताकि लोगों की जान को खतरा न हो। अस्पताल, दवा की दुकानें और अन्य आवश्यक सरकारी सेवाएँ सुचारू रूप से चलती रहेंगी। इसके अलावा, एयरपोर्ट, बंदरगाह और रेलवे स्टेशन भी आवश्यक परिवहन के लिए खुले रहेंगे। सरकार ने प्रांतीय सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द दोपहिया और तिपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरा करें, ताकि गरीबों को तेल पर सब्सिडी मिल सके।
PIA संकट में
सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही थमने के साथ-साथ, पाकिस्तान का हवाई परिवहन भी संकट में है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में अनिश्चितता ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को बंद होने के कगार पर ला खड़ा किया है। PIA कंसोर्टियम के चेयरमैन आरिफ हबीब ने चेतावनी दी है कि यदि जेट फ्यूल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो एयरलाइन का संचालन असंभव हो जाएगा। हाल ही में जेट फ्यूल की कीमत 388 रुपये से बढ़कर 472 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो 1 मार्च से अब तक लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इस अप्रत्याशित वृद्धि ने एयरलाइंस के खर्चों को इतना बढ़ा दिया है कि उड़ान भरना लगभग असंभव हो गया है।