पालघर में महिला सरकारी कर्मचारी पर धारदार हथियार से हमला
पालघर में महिला पर हुआ भयानक हमला
पालघर- महाराष्ट्र के पालघर जिले में शनिवार को एक महिला सरकारी कर्मचारी पर हुए हमले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। जिला कलेक्टर कार्यालय के राजस्व विभाग में कार्यरत स्नेहल सावंत पर एक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार से हमला किया। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है, जबकि आरोपी घटना के बाद से फरार है।
घटना के समय, स्नेहल सावंत पालघर के गोल्ड सिनेमा क्षेत्र से गुजर रही थीं, तभी अचानक एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने महिला की गर्दन और पीठ पर कई बार वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गई।
Horrific attack on woman employee in Palghar.
A peon from the Collector’s office grabbed a female colleague by the neck on a public road and repeatedly attacked her with a sharp weapon. The brutal video is now viral.
This is not just an individual crime, it reflects complete… pic.twitter.com/EeYc9Np6la
— GarudEyeIntel | OSINT (@GarudEyeIntel) June 13, 2026
घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है, जिसमें आरोपी महिला के पास पहुंचकर धारदार हथियार से लगातार हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। जब महिला जमीन पर गिर गई, तब भी वह वार करता रहा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने आरोपी की पहचान अमोल मुले के रूप में की है, जो न्यायालय में चपरासी के पद पर कार्यरत है। घटना के बाद से वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
घायल महिला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि हमले के पीछे निजी संबंध या आपसी विवाद हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और हमले के कारणों का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने कहा है कि फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। इस दिनदहाड़े हुई घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।