पीएम मोदी का सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में संबोधन: इतिहास के पन्नों में सिमटेंगे आक्रमणकारी
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पीएम मोदी की उपस्थिति
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में आज भी ऐसी शक्तियाँ मौजूद हैं जो मंदिरों के पुनर्निर्माण का विरोध करती हैं। यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर 1026 में हुए पहले आक्रमण की शताब्दी के उपलक्ष्य में मनाया गया। पीएम मोदी शनिवार शाम को सोमनाथ पहुंचे और रविवार सुबह उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाया और फूल अर्पित किए। पूजा से पहले, पीएम ने शौर्य यात्रा में भाग लिया और डमरू बजाए। इसके बाद उन्होंने सद्भावना ग्राउंड में एक रैली को संबोधित किया।
इतिहास के पन्नों में सिमट गए आक्रमणकारी
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ को तोड़ने वाले इतिहास में सिमट कर रह गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1000 साल पूरे हो रहे हैं और इसके पुनर्निर्माण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने कई बार भारत को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन न तो सोमनाथ नष्ट हुआ और न ही भारत।
अद्भुत वातावरण और उत्सव का महत्व
रैली में पीएम ने कहा कि यह समय और वातावरण अद्भुत है। उन्होंने कहा कि महादेव, समुद्र की लहरें और सूर्य की किरणें इस दिव्य अवसर को और भी खास बना रही हैं। उन्होंने सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में इस पर्व में सेवा करने को अपने लिए सौभाग्य माना।
हिंदुस्तान की शक्ति का प्रतीक
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर में फहराती ध्वजा हिंदुस्तान की शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्भाग्य से आज भी ऐसी ताकतें हैं जो सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध करती हैं। उन्होंने नेहरू का नाम लिए बिना कहा कि जब सरदार पटेल ने पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उन्हें भी रोका गया।
सोम का अर्थ और ऐतिहासिक संदर्भ
पीएम मोदी ने कहा कि 1026 में गजनवी ने सोमनाथ को तोड़ा था, लेकिन इसके बाद मंदिर का पुनर्निर्माण शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि आक्रमणकारी यह नहीं समझ पाए कि सोमनाथ का नाम 'सोम' अर्थात अमृत से जुड़ा है।
गुलामी की मानसिकता का प्रभाव
पीएम मोदी ने कहा कि जो देश अपनी विरासत पर गर्व करता है, वह उसे नहीं भूलता। लेकिन आजादी के बाद कुछ लोगों ने उस विरासत को भुला दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी मंदिर आने से रोकने की कोशिश की गई।