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पीएम मोदी के 12 साल: महिलाओं के सशक्तीकरण में नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर मोदी सरकार की नारी शक्ति के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने बताया कि कैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया गया है। जानें इस दिशा में उठाए गए कदम और उनके प्रभाव के बारे में।
 

पीएम मोदी का कार्यकाल और महिलाओं का सशक्तीकरण


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का 'महिला-नेतृत्व विकास' मॉडल नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण का एक नया अध्याय लिख रहा है।


अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मोदी सरकार का 'महिला-नेतृत्व विकास' मॉडल नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण का नया अध्याय लिख रहा है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से लेकर उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन और 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण तक महिलाओं के सम्मान और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।"


उन्होंने यह भी बताया कि मुद्रा योजना के तहत 70 प्रतिशत महिलाओं को बिना गारंटी ऋण देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। 'लखपति दीदी', 'करोड़पति दीदी' और स्वयं सहायता समूहों जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अमित शाह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने राजनीति में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया है।


गृह मंत्री ने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि आज महिलाएं सेना, अंतरिक्ष, खेल, अनुसंधान और उद्योग समेत हर क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत की नारी शक्ति राष्ट्रीय विकास की प्रमुख प्रेरक शक्ति बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि सम्मान, आर्थिक सशक्तीकरण और विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका के माध्यम से महिलाएं आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ भारत के भविष्य को आकार दे रही हैं।


राजनाथ सिंह ने विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं परिचालन, रणनीतिक और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में अमूल्य योगदान दे रही हैं, जिससे सशस्त्र बलों और देश की सुरक्षा को मजबूती मिल रही है।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिला-नेतृत्व वाले विकास और महिलाओं के लिए अधिक अवसर सृजित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।


इस दौरान राजनाथ सिंह ने महिलाओं के लिए सरकार की योजनाओं और उनके परिणामों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि सेना में 2014 में महज 3,000 महिलाएं थीं, जिनकी संख्या 2025 में 11,000 तक पहुंच गई है।