☰
×

पीएम मोदी ने 25 वर्षों की जनसेवा का जश्न मनाया, विकसित भारत के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 वर्षों की जनसेवा का जश्न मनाते हुए दिल्ली में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की अनपेक्षितता, सेवा का धर्म, और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बड़े लक्ष्यों का संकल्प लिया। मोदी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने पूर्वजों द्वारा सामना की गई कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए आज से ही काम करना होगा। जानें उनके भाषण की मुख्य बातें और भारत के विकास की दिशा में उनके विचार।
 

पीएम मोदी का 25 साल का सफर


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह यात्रा व्यक्तिगत उपलब्धियों की नहीं, बल्कि देश की जनता, लोकतंत्र, संविधान और करोड़ों कार्यकर्ताओं के योगदान की है। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की जनसेवा का अनुभव देश की जनता की पूंजी है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि जो कुछ भी वह हैं, वह देश की जनता के कारण है और जनता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।


यात्रा की अनपेक्षितता

पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब उन्होंने नहीं सोचा था कि वह एक दिन लगातार 25 वर्षों तक सरकार के प्रमुख रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के लिए वह सभी देशवासियों के आभारी हैं। उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की कि उन्हें और अधिक ऊर्जा मिले ताकि वह देशवासियों की सेवा कर सकें।


कभी अकेलापन महसूस नहीं किया

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें कभी भी अकेलापन महसूस नहीं हुआ, क्योंकि उनके साथ करोड़ों देशवासी और कार्यकर्ता खड़े रहे। उन्होंने कहा कि सेवा उनका धर्म है और मानवता की सेवा करना उनका कर्तव्य है। पीएम मोदी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन केवल अतीत की यादों को दोहराने का नहीं, बल्कि नई ऊर्जा के साथ नए संकल्प लेने का है।


बड़े लक्ष्यों का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कई राष्ट्रीय लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए बार-बार 'We Will Do It' का संकल्प दोहराया। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने, इसे दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का लक्ष्य रखा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अगला ओलंपिक बेहतर तरीके से आयोजित करेगा और देश की युवा शक्ति इन लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


गुजरात के अनुभवों का महत्व

पीएम मोदी ने कहा कि उनके 25 वर्षों का सफर व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इस बात से आंका जाना चाहिए कि देश कहां पहुंचा है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव नहीं था, लेकिन जनता पर विश्वास था।


2014 की चुनौतियों का सामना

प्रधानमंत्री ने 2014 में सत्ता संभालने के समय की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय देश के सामने कई समस्याएं थीं। उन्होंने कहा कि उस समय भी उन्होंने जनता पर भरोसा किया और बड़े लक्ष्य निर्धारित किए। आज स्थिति बदल चुकी है, और भारत की अर्थव्यवस्था अब संकट के समय में भी मजबूती से खड़ी है।


भारत के प्राचीन गौरव को पुनर्जीवित करना

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के प्राचीन गौरव को पुनर्जीवित करना देश का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत कभी दुनिया का नेतृत्व करता था, लेकिन गुलामी के दौर में देश को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


युवाओं को प्रेरित करना

पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि उन्हें अपने पूर्वजों द्वारा सामना की गई कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए आज से ही काम करना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना कठिन है, लेकिन असंभव नहीं है।